चंडीगढ़ 21 फरवरी 2026(जगदीश कुमार ) चंडीगढ़ प्रशासन ने शहर में अवैध कब्जों के खिलाफ एक और बड़े अभियान की तैयारी शुरू कर दी है। सेक्टर-38 वेस्ट स्थित शाहपुर कॉलोनी को हटाने के बाद अब प्रशासन की नजर धनास कच्ची कॉलोनी पर है। अप्रैल महीने में इस कॉलोनी को हटाने की योजना बनाई गई है। बताया जा रहा है कि यहां तीन हजार से अधिक झुग्गी-टीन शेड और कुछ पक्के मकान बने हुए हैं, जिनमें करीब 10 हजार लोग रह रहे हैं। इनमें लगभग 2500 पंजीकृत मतदाता भी शामिल हैं।डीसी-कम-एस्टेट ऑफिसर निशांत कुमार यादव ने इंफोर्समेंट विंग को कॉलोनीवासियों को जगह खाली करने के नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। विभाग की ओर से नोटिस चस्पा करने और व्यक्तिगत रूप से सूचनाएं भेजने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि यह कॉलोनी कृषि भूमि पर बसी है और उच्चतम न्यायालय ने भी स्पष्ट किया है कि ऐसी जमीन पर बसे अवैध कब्जों पर कार्रवाई करने का अधिकार प्रशासन को है।उधर, कॉलोनी के निवासियों ने पुनर्वास की मांग को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाया था। उनका कहना है कि उन्हें वैकल्पिक आवास दिए बिना बेदखल करना अन्याय होगा।चुनाव विभाग भी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के तहत करीब ढाई हजार मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने की तैयारी में है। प्रशासन का तर्क है कि अवैध बस्ती के आधार पर बने वोटर कार्ड मान्य नहीं रहेंगे।
गौरतलब है कि प्रशासन अब तक 18 अवैध कॉलोनियां हटाकर 520 एकड़ सरकारी जमीन मुक्त करा चुका है। विपक्षी पार्षदों ने प्रशासन से लैंड पूलिंग पॉलिसी लागू कर किसानों और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की मांग की है।