दैनिक खबरनामा। चंडीगढ़, 17 अगस्त: शहर को साफ-सुथरा रखने के लिए नगर निगम ने बड़ा कदम उठाया है। निगम ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट बायलॉज-2026 का मसौदा जारी कर दिया है और आम लोगों से 15 दिन के अंदर राय और आपत्तियां मांगी हैं।
प्रस्तावित नियमों के तहत अब घरों से लेकर सभी तरह के कचरा उत्पादकों को अपने स्तर पर ही कचरे को चार हिस्सों में बांटना जरूरी होगा। ये चार श्रेणियां होंगी: गीला कचरा, सूखा कचरा, सैनिटरी वेस्ट और विशेष देखभाल वाला कचरा। इसके बाद अलग-अलग कचरे को अधिकृत कलेक्टर को ही सौंपना पड़ेगा।
निगम ने नियम तोड़ने वालों के लिए भारी आर्थिक दंड तय किया है। जुर्माने की रकम 500 रुपये से शुरू होकर 10 लाख रुपये तक जा सकती है।
सार्वजनिक जगह और खुले में जलाने पर भी जुर्माना
– सार्वजनिक स्थान पर कचरा फेंकने पर पहली बार 500 रुपये, दूसरी बार 1,000 रुपये और उसके बाद हर बार 2,000 रुपये वसूले जाएंगे।
– खुले में कचरा जलाने पर पहली गलती पर 5,000 रुपये, दूसरी बार 10,000 रुपये और फिर हर बार 20,000 रुपये का जुर्माना लगेगा।
कहां भेजें सुझाव
निगम ने कहा है कि इस ड्राफ्ट पर सुझाव और आपत्तियां अगले 15 दिनों के भीतर ई-मेल swmbylawsmcc@gmail.com पर भेजी जा सकती हैं। इन्हें एमओएच कार्यालय में जाकर भी जमा कराया जा सकता है। बायलॉज का पूरा ड्राफ्ट नगर निगम की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है।
बड़े कचरा उत्पादकों पर विशेष नजर
जो हाउसिंग सोसायटी, स्कूल-कॉलेज, होटल, रेस्तरां, अस्पताल, बाजार और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान रोजाना 100 किलो से ज्यादा कचरा निकालते हैं, उन्हें `बल्क वेस्ट जेनरेटर` की श्रेणी में रखा जाएगा।
इन सभी को अपने परिसर के अंदर ही गीले कचरे का निपटान करना होगा। इसके लिए कंपोस्टिंग या बायो-मेथनेशन प्लांट लगाना अनिवार्य होगा। इसके अलावा स्रोत पर कचरे को अलग करना, उसका पूरा रिकॉर्ड रखना और हर महीने रिपोर्ट जमा करना भी जरूरी होगा। नियमों का पालन न करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।