दैनिक खबरनामा 11 अप्रैल 2026 चंडीगढ़ शहर में बढ़ती आपराधिक घटनाओं के बीच चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस एक बार फिर एक्शन मोड में आ गई है। कई महीनों तक ढील देने के बाद अब सख्ती बढ़ा दी गई है, जिसका असर अपराध पर भी साफ दिखाई देने लगा है।सूत्रों के मुताबिक, पिछले 2-3 महीनों तक ट्रैफिक पुलिस ने न तो वाहनों की नियमित जांच की और न ही मैनुअल चालान काटे। इस दौरान असामाजिक तत्वों ने मौके का फायदा उठाया और शहर में आपराधिक वारदातें बढ़ती गईं।मार्च में लगातार हुई बड़ी घटनाओं—पंजाब यूनिवर्सिटी में फायरिंग (17 मार्च), सेक्टर-9 में चमनप्रीत उर्फ चिन्नी की हत्या (18 मार्च) और सेक्टर-38 में युवक पर फायरिंग (22 मार्च)—के बाद प्रशासन हरकत में आया। प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के निर्देश दिए।
इसके बाद शहर में थाना और चौकी स्तर पर नाके लगाए गए और 24 घंटे सघन चेकिंग शुरू कर दी गई। 23 मार्च से 8 अप्रैल के बीच ट्रैफिक पुलिस ने 6698 मैनुअल चालान किए और 757 वाहनों को जब्त किया। वहीं, 28 मार्च से ड्रंकन ड्राइविंग के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया, जिसमें 177 चालान किए गए।
पुलिस के अनुसार, 1 जनवरी से 22 मार्च तक करीब 81 दिनों तक एक भी मैनुअल चालान नहीं काटा गया था। हालांकि, इस दौरान थाना पुलिस ने 3255 चालान जरूर किए।अब सख्ती का असर भी दिखने लगा है। पहले जहां रोजाना 3-4 वाहन चोरी के मामले सामने आते थे, वहीं अब तीन दिनों में केवल 2 मामले दर्ज हुए हैं। झपटमारी और चोरी की घटनाओं में भी कमी आई है।
फिलहाल ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर विशेष अभियान जारी है। तेज रफ्तार, संदिग्ध नंबर प्लेट और शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर पुलिस सख्ती से कार्रवाई कर रही है।