चंडीगढ़ 21 फरवरी 2026 (दैनिक खबरनामा ) Chandigarh की 17 वर्षीय छात्रा कनिष्का बिष्ट ने साहस और दृढ़ संकल्प की ऐसी मिसाल पेश की है, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। गंभीर बीमारी से जूझ रही कनिष्का 13 दिनों तक आईसीयू में वेंटिलेटर पर रहने के बाद भी 12वीं की बोर्ड परीक्षा देने से पीछे नहीं हटी। ऑक्सीजन सिलेंडर के सहारे स्ट्रेचर पर लेटकर उसने फिजिक्स का पेपर दिया।सेक्टर-26 स्थित Shri Guru Gobind Singh Khalsa Senior Secondary School की छात्रा कनिष्का जन्म से मस्कुलर डिस्ट्रॉफी जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित है। यह बीमारी समय के साथ शरीर की मांसपेशियों को कमजोर करती जाती है। 30 जनवरी को सामान्य खांसी-जुकाम से शुरू हुई तबीयत अचानक बिगड़ गई और 2 फरवरी को उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। बाद में उसे सेक्टर-32 स्थित Government Medical College and Hospital में रेफर किया गया, जहां उसे आईसीयू में वेंटिलेटर पर रखा गया। करीब 10 दिनों तक वह बेहोशी की हालत में रही।स्वास्थ्य में थोड़ा सुधार आने पर भी कमजोरी और ब्लड प्रेशर की समस्या बनी रही। इसी बीच बोर्ड परीक्षा की तारीख नजदीक थी। परीक्षा से एक दिन पहले कनिष्का ने परिवार से परीक्षा देने की इच्छा जताई। पहले तो परिजन चौंक गए, लेकिन उसकी जिद और आत्मविश्वास के आगे उन्होंने उसका साथ दिया।स्कूल प्रशासन और मनीमाजरा स्थित परीक्षा केंद्र से संपर्क किया गया। स्थिति को देखते हुए Central Board of Secondary Education ने उसे एक घंटे का अतिरिक्त समय देने की अनुमति दी। बिना किसी राइटर या विशेष सहारे के, कनिष्का ने स्ट्रेचर पर लेटकर अपना फिजिक्स का पेपर पूरा किया।
कनिष्का की यह कहानी बताती है कि मजबूत इरादों के सामने मुश्किलें भी छोटी पड़ जाती हैं। उसका जज्बा आज हजारों छात्रों के लिए प्रेरणा बन गया है।