राजस्थान 30 दिसंबर 2026 (दैनिक खबरनामा) राजस्थान
बूँदी जिले के दौलतपुरा टोल प्लाजा पर टोल कर्मियों द्वारा अवैध वसूली किए जाने के गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं। वाहन चालकों का कहना है कि टोल प्लाजा पर कर्मचारियों द्वारा नियमों और शर्तों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है, जिससे आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।आरोप है कि टोल प्लाजा पर तैनात कर्मचारी बाहर के जिलों और राज्यों की गाड़ियों के नंबर देखकर फास्टैग लेन से टोल कटौती नहीं करते, बल्कि जानबूझकर फास्टैग प्रणाली को दरकिनार कर कंप्यूटर पर्ची के माध्यम से नकद टोल वसूला जा रहा है। यह प्रक्रिया न केवल निर्धारित नियमों के खिलाफ है, बल्कि डिजिटल भुगतान प्रणाली की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े करती है।वाहन चालकों का कहना है कि टोल कर्मियों से बहस या विवाद से बचने के लिए वे मजबूरी में अतिरिक्त और अवैध वसूली का शिकार हो रहे हैं। कई चालकों ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर कर्मचारियों का व्यवहार भी ठीक नहीं रहता, जिससे डर के माहौल में लोग चुपचाप भुगतान करने को मजबूर हो जाते हैं।कुछ वाहन चालकों ने इस संबंध में ऑनलाइन शिकायतें भी दर्ज कराई हैं, लेकिन आरोप है कि अब तक उन शिकायतों पर कोई ठोस कार्रवाई या सुनवाई नहीं हो रही। इससे टोल प्रबंधन और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।गौरतलब है कि टोल कंपनी ने हाल ही में दौलतपुरा टोल प्लाजा का चार्ज संभाला है, लेकिन चार्ज संभालने के कुछ ही समय बाद अवैध वसूली के आरोप लगने लगे हैं। इससे स्थानीय लोगों और नियमित रूप से इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों में भारी नाराजगी है।अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या परिवहन मंत्री और संबंधित प्रशासन इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए टोल कर्मियों और कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे या नहीं। वाहन चालक मांग कर रहे हैं कि टोल प्लाजा पर फास्टैग नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए और अवैध वसूली पर तुरंत रोक लगे।फिलहाल दौलतपुरा टोल प्लाजा पर चल रही कथित अवैध वसूली को लेकर मामला तूल पकड़ता जा रहा है। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो यह मुद्दा बड़े आंदोलन का रूप भी ले सकता है। स्थानीय प्रशासन और परिवहन विभाग की भूमिका पर अब सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।