दैनिक खबरनामा। जम्मू, 10 अगस्त: स्मार्ट सिटी के नाम पर किए जा रहे दावों की पोल लगातार हो रही बारिश ने खोल कर रख दी है। जम्मू के पॉश इलाके सैनिक कालोनी के सेक्टर-सी में करीब 25 दिन पहले बनी सड़क पहली तेज बारिश के बाद ही बैठ गई। जल निकासी की कोई ठोस व्यवस्था न होने के चलते नई बनी सड़क जगह-जगह धंस गई और गहरे गड्ढे बन गए, जिससे सरकारी खजाने के लाखों रुपये बर्बाद हो गए।
सड़क के साथ बह रहे नाले के किनारे मिट्टी कटने से हालात और बिगड़ गए हैं। राहगीरों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। तेज बहाव के कारण इंटरलॉकिंग टाइलें उखड़ कर नीचे बैठ गईं, जबकि विश्राम के लिए लगाए गए स्टील के बेंच भी अब ढहती जमीन के किनारे लटकते नजर आ रहे हैं। अंधेरे में यह हिस्सा किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहा है।
स्थानीय लोगों में नाराजगी
नाले की समुचित घेराबंदी न होने से कटाव लगातार बढ़ रहा है। सैनिक कालोनी के निवासियों का कहना है कि महज 20 दिन के भीतर सड़क का इस कदर टूटना निर्माण में इस्तेमाल सामग्री और इंजीनियरिंग दोनों की खामियों को उजागर करता है। उनका आरोप है कि जल्दबाजी में और बिना दीर्घकालिक योजना के काम किया गया।
लोगों ने जम्मू नगर निगम और आयुक्त डॉ. देवांश यादव से मांग की है कि लापरवाह ठेकेदार पर कड़ी कार्रवाई हो, नाले के किनारे रिटेनिंग दीवार बनाई जाए, पानी निकासी का स्थायी इंतजाम किया जाए और सड़क की मरम्मत तुरंत शुरू करवाई जाए।
नगर निगम के संयुक्त आयुक्त फिरदौज काजी ने कहा कि बरसात थमने के बाद मरम्मत का काम शुरू कराया जाएगा।
सौंदर्यकरण योजना फेल
कुछ महीने पहले आयुक्त डॉ. देवांश यादव ने सेक्टर-सी का निरीक्षण किया था। वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों को सुबह-शाम टहलने की सुविधा देने के लिए कच्चे किनारों पर इंटरलॉकिंग टाइल बिछाने और स्टील बेंच लगाने का काम शुरू करवाया गया था। इसका उद्देश्य क्षेत्र को सुंदर बनाकर नागरिकों को बेहतर माहौल देना था।
लगभग 25 दिन पहले ही लाखों रुपये खर्च कर पूरा हुआ यह काम अब पानी में बह गया। निर्माण के दौरान वैकल्पिक निकासी का कोई प्रबंध नहीं किया गया था। नतीजन जमा हुआ पानी सड़क के नीचे रिसता रहा और पूरी संरचना बैठ गई।
लोग क्या कह रहे हैं
सैनिक कालोनी निवासी जय सिंह ने कहा कि आयुक्त का इरादा नेक था, लेकिन इंजीनियरों ने ड्रेनेज पर ध्यान नहीं दिया। इसी वजह से जमीन धंस गई और सरकारी पैसा बर्बाद हुआ। मरम्मत जल्द होनी चाहिए।
चौआदी निवासी सईद आजम के मुताबिक सड़क के किनारों को पक्का कर टाइल लगाई गई, पर पानी को नाले तक ले जाने का कोई रास्ता नहीं बनाया गया। इसी लापरवाही से नुकसान हुआ। लोगों को जो सुविधा मिली थी वह अब छिन गई।
सैनिक कालोनी के अरुण सिंह ने बताया कि टाइल और बेंच लगने से टहलने वालों को राहत मिली थी। काम पूरा हुए 20-25 दिन ही हुए थे कि सब तबाह हो गया। बारिश अभी जारी है, अगर तुरंत कदम नहीं उठे तो और नुकसान होगा। आयुक्त की सोच अच्छी है, पर क्रियान्वयन कमजोर रहा।