चंडीगढ़ 12 फरवरी 2026( दैनिक खबरनामा) चंडीगढ़ में पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया की चार दिन की नशा मुक्ति यात्रा गुरुवार को अबोहर में समाप्त हो गई। इस यात्रा के समापन के साथ ही राज्य की राजनीति में नए समीकरणों की चर्चा तेज हो गई है। राज्यपाल की इस पहल ने जहां नशे के खिलाफ जन-जागरूकता का संदेश दिया, वहीं सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) और मुख्य विपक्षी कांग्रेस ने इस अभियान से दूरी बनाकर इसे विवाद का रूप दे दिया।राज्यपाल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान, मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और धार्मिक-सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों को यात्रा में शामिल होने का निमंत्रण दिया था, लेकिन AAP और कांग्रेस के अधिकांश नेता इसमें नजर नहीं आए। उल्टा दोनों दलों ने राज्यपाल की इस यात्रा पर सवाल खड़े कर दिए।विवाद की शुरुआत मंगलवार को फिरोजपुर में हुई, जब भाजपा और शिरोमणि अकाली दल के नेताओं ने यात्रा में भाग लिया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने आरोप लगाया कि यह यात्रा विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा-अकाली गठबंधन को दोबारा मजबूत करने की कोशिश है।वहीं, AAP प्रवक्ता कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि नशे के खिलाफ अभियान में केवल ईमानदार और साफ छवि वाले लोगों को शामिल किया जाना चाहिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि जिनके शासन में पंजाब में ड्रग्स फैला, उनकी मौजूदगी से जनता को गलत संदेश जा रहा है।राज्यपाल की यह यात्रा अब सामाजिक अभियान से ज्यादा राजनीतिक बहस का मुद्दा बनती नजर आ रही है।
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