पंजाब 13 फरवरी 2026 (दैनिक खबरनामा) मिजोरम राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (MSCPCR) के एक प्रतिनिधिमंडल ने बाल संरक्षण और कल्याण तंत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से अध्ययन दौरे के तहत पंजाब राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (PSCPCR) के कार्यालय का दौरा किया। प्रतिनिधिमंडल में एमएससीपीसीआर के अध्यक्ष श. जिमी लालतलनमाविया, सदस्य श. डार्थाकुंगा तथा अधीक्षक श. ललियांजुआला चावंगथाक शामिल थे।प्रतिनिधिमंडल ने पीएससीपीसीआर की उपाध्यक्ष गुंजीत रूचि बावा तथा उपनिदेशक गुलबहार सिंह तूर के साथ विस्तृत और सार्थक चर्चा की। बैठक के दौरान दोनों आयोगों ने अपनी कार्यप्रणाली, प्रशासनिक ढांचे और बेहतर प्रथाओं पर विचार साझा किए। बाल अधिकार संरक्षण, शिकायत निवारण प्रणाली, विभिन्न हितधारकों के साथ समन्वय और नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे विषयों पर गहन संवाद हुआ।
मिजोरम के प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब सरकार और पंजाब बाल अधिकार आयोग द्वारा संचालित सक्रिय पहलों की सराहना की, विशेषकर ‘सेफ स्कूल वाहन योजना’ सहित अन्य बाल कल्याण कार्यक्रमों की। उन्होंने इन सफल पहलों को मिजोरम में अपनाने में भी रुचि व्यक्त की।प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब बाल अधिकार आयोग को मिजोरम आने का औपचारिक निमंत्रण भी दिया, ताकि भविष्य में ज्ञान आदान-प्रदान और सहयोग को और मजबूत किया जा सके।कार्यालय बैठक के उपरांत प्रतिनिधिमंडल ने मोहाली के सेक्टर-78 स्थित गुर आसरा ट्रस्ट का दौरा किया, जहां उन्होंने जमीनी स्तर पर चल रही बाल देखभाल और संरक्षण सेवाओं का अवलोकन किया।उपाध्यक्ष गुंजीत रूचि बावा ने कहा कि ऐसे अध्ययन दौरे आपसी अनुभवों से सीखने और प्रणालियों को सुदृढ़ बनाने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि साझा सहयोग और ज्ञान विनिमय से प्रत्येक बच्चे की सुरक्षा, सम्मान और समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सकता है।
पंजाब 13 फरवरी 2026 (दैनिक खबरनामा) मिजोरम राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (MSCPCR) के एक प्रतिनिधिमंडल ने बाल संरक्षण और कल्याण तंत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से अध्ययन दौरे के तहत पंजाब राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (PSCPCR) के कार्यालय का दौरा किया। प्रतिनिधिमंडल में एमएससीपीसीआर के अध्यक्ष श. जिमी लालतलनमाविया, सदस्य श. डार्थाकुंगा तथा अधीक्षक श. ललियांजुआला चावंगथाक शामिल थे।प्रतिनिधिमंडल ने पीएससीपीसीआर की उपाध्यक्ष गुंजीत रूचि बावा तथा उपनिदेशक गुलबहार सिंह तूर के साथ विस्तृत और सार्थक चर्चा की। बैठक के दौरान दोनों आयोगों ने अपनी कार्यप्रणाली, प्रशासनिक ढांचे और बेहतर प्रथाओं पर विचार साझा किए। बाल अधिकार संरक्षण, शिकायत निवारण प्रणाली, विभिन्न हितधारकों के साथ समन्वय और नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे विषयों पर गहन संवाद हुआ।
मिजोरम के प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब सरकार और पंजाब बाल अधिकार आयोग द्वारा संचालित सक्रिय पहलों की सराहना की, विशेषकर ‘सेफ स्कूल वाहन योजना’ सहित अन्य बाल कल्याण कार्यक्रमों की। उन्होंने इन सफल पहलों को मिजोरम में अपनाने में भी रुचि व्यक्त की।प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब बाल अधिकार आयोग को मिजोरम आने का औपचारिक निमंत्रण भी दिया, ताकि भविष्य में ज्ञान आदान-प्रदान और सहयोग को और मजबूत किया जा सके।कार्यालय बैठक के उपरांत प्रतिनिधिमंडल ने मोहाली के सेक्टर-78 स्थित गुर आसरा ट्रस्ट का दौरा किया, जहां उन्होंने जमीनी स्तर पर चल रही बाल देखभाल और संरक्षण सेवाओं का अवलोकन किया।उपाध्यक्ष गुंजीत रूचि बावा ने कहा कि ऐसे अध्ययन दौरे आपसी अनुभवों से सीखने और प्रणालियों को सुदृढ़ बनाने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि साझा सहयोग और ज्ञान विनिमय से प्रत्येक बच्चे की सुरक्षा, सम्मान और समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सकता है।