दैनिक खबरनामा। जम्मू, 18 अगस्त: जम्मू जिले के मीरां साहिब क्षेत्र के गांव मरालियां में बहती रणबीर नहर के किनारे स्थित शिव मंदिर सावन के महीने में आस्था का बड़ा केंद्र बन गया है। यहां रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर पूजा-अर्चना करते हैं और अपनी मन्नतें रखते हैं। मान्यता है कि नहर में स्नान कर भोलेनाथ का दर्शन करने से हर इच्छा पूरी होती है, इसी वजह से दूर-दराज के इलाकों से भी लोग यहां आते हैं।
गांव के लोगों के सामूहिक सहयोग से वर्ष 2012 में इस मंदिर की नींव रखी गई थी। उसी समय यहां शिवलिंग की स्थापना की गई। मंदिर से जुड़े सेवादार नरोत्तम शर्मा के अनुसार, इसी महीने के अंत तक मंदिर परिसर में भगवान शिव की विशाल प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी। इसकी तैयारियां अभी से शुरू कर दी गई हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर बनने के बाद से गांव का माहौल बदला है। करीब 14 साल पुराने इस धार्मिक स्थल के अस्तित्व में आने के बाद से बस्ती में आपसी मनमुटाव लगभग खत्म हो गया है और लोग सौहार्द के साथ रहते हैं।
मंदिर की खासियत
इस शिवालय की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि शिवलिंग की स्थापना गांव के सभी समुदायों ने मिलकर की थी। इसी कारण यह स्थान किसी एक वर्ग तक सीमित न रहकर पूरे क्षेत्र के लिए श्रद्धा का केंद्र बन गया है। सावन में यहां श्रद्धालुओं की भीड़ सबसे ज्यादा रहती है। मरालियां के अलावा आसपास के कई गांवों के लोग भी इस महीने विशेष पूजा के लिए यहां पहुंचते हैं।
नरोत्तम शर्मा बताते हैं कि सावन में मंदिर में विशेष अनुष्ठान और पूजा होती है। जो भी भक्त सच्चे मन से मन्नत मांगता है, उसकी कामना पूरी होती है। इसके अलावा सालभर यहां धार्मिक आयोजन होते रहते हैं।
गांव निवासी नीलू कुमार ने बताया कि सावन के चारों सोमवार को यहां भक्तों का तांता लगा रहता है। इस दौरान गांव की महिला सत्संग मंडली विशेष सत्संग का आयोजन करती है और श्रद्धालुओं के लिए लंगर की व्यवस्था भी की जाती है।
नहर किनारे शांत वातावरण में बसा यह मंदिर अब न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि गांव में एकता और भाईचारे की मिसाल भी बन चुका है।