उत्तराखंड 18 फरवरी 2026( दैनिक खबरनामा ) उत्तराखंड के देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के तहत उत्तराखंड में शहरी परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सुगम और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। इसी क्रम में आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश क्षेत्र की प्रमुख परिवहन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।बैठक में उत्तराखंड मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक बृजेश कुमार मिश्रा सहित निगम के वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न परियोजनाओं का प्रस्तुतीकरण किया।त्रिवेणी घाट से नीलकंठ तक रोपवे को मिली मंजूरीबैठक में बताया गया कि त्रिवेणी घाट से नीलकंठ मंदिर तक प्रस्तावित रोपवे परियोजना को आवश्यक अनुमोदन मिल चुका है। साथ ही स्टेज-एक फॉरेस्ट क्लीयरेंस के लिए आवेदन भी किया जा चुका है। यह परियोजना श्रद्धालुओं की सुविधा बढ़ाने के साथ-साथ पर्वतीय यातायात के दबाव को भी कम करेगी।हरिद्वार में इंटीग्रेटेड रोपवे और पीआरटी सिस्टम हरिद्वार में प्रस्तावित इंटीग्रेटेड रोपवे परियोजना (डीडीयू पार्किंग-चंडी देवी-मनसा देवी और मल्टीमॉडल हब) की डीएफसी कराए जाने के लिए अनुरोध किया गया। सचिव ने इस प्रक्रिया को 18 फरवरी तक पूरा करने के निर्देश दिए।देहरादून में 31.52 किमी का ई-बीआरटीएस मेगा कॉरिडोर देहरादून में प्रस्तावित ई-बीआरटीएस परियोजना के तहत आईएसबीटी से रायपुर तक 31.52 किमी लंबा कॉरिडोर तैयार किया जाएगा, जिसमें 35 स्टेशन प्रस्तावित हैं। बैठक के बाद सचिव ने अधिकारियों के साथ संयुक्त स्थलीय निरीक्षण भी किया और परियोजना को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।