बिहार 10 जनवरी(दैनिक खबरनामा) सुपौल सदर अनुमंडल में राशन कार्ड के दुरुपयोग को लेकर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। आपूर्ति विभाग के कार्यों की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। सदर एसडीएम इंद्रवीर कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में विभिन्न सरकारी डाटाबेस से मिलान के बाद बड़ी संख्या में अपात्र लाभुकों द्वारा राशन कार्ड का लाभ लेने का मामला उजागर हुआ।जांच में सामने आया है कि 5000 से अधिक राशन कार्डधारियों की वार्षिक आय तय मानक से अधिक है। वहीं 9000 से ज्यादा लाभुकों के पास कई एकड़ भूमि पाई गई है और ये लोग प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ भी ले रहे हैं। इसके अलावा 471 लाभुक ऐसे हैं जिनके पास चारपहिया वाहन हैं, जबकि 216 लोग निजी कंपनियों में निदेशक या उच्च पदों पर कार्यरत होने के बावजूद सरकारी राशन उठा रहे थे।इतना ही नहीं, जांच के दौरान 24 ऐसे लाभुक भी चिह्नित किए गए हैं जिनका जीएसटी टर्नओवर 25 लाख रुपये से अधिक है। इस तरह अब तक 15 हजार से ज्यादा राशन कार्डधारी संदिग्ध श्रेणी में पाए गए हैं, जिनकी गहन जांच की जा रही है।सदर एसडीएम इंद्रवीर कुमार ने स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने के बाद अपात्र पाए जाने वाले लाभुकों के राशन कार्ड रद्द किए जाएंगे। साथ ही सरकारी अनाज की वसूली की कार्रवाई भी की जा सकती है। उन्होंने सभी बीएसओ को निर्देश दिए हैं कि जांच प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाए। इसके अलावा सरकारी नौकरी करने वाले और पक्का मकान रखने वालों की भी अलग से जांच के निर्देश दिए गए हैं।एसडीएम ने अपात्र लाभुकों से स्वेच्छा से राशन कार्ड सरेंडर करने की अपील की है और सभी कार्डधारियों को ई-केवाईसी जल्द से जल्द कराने के निर्देश दिए हैं। बैठक में सहायक जिला आपूर्ति पदाधिकारी सहित आपूर्ति विभाग के सभी संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
You May Also Like
गोवा नाइट क्लब हादसा: अभियुक्त लूथरा ब्रदर्स को थाईलैंड से भारत लाया गया
- Dainik Khabarnama
- December 16, 2025