31 दिसंबर (जगदीश कुमार )कुछ समय पहले तक मोहाली को चंडीगढ़ का ‘स्लीपी सिब्लिंग’ माना जाता था। गांवों और रिहायशी कॉलोनियों का यह मिला-जुला इलाका मुख्य रूप से क्षेत्र की सुव्यवस्थित राजधानी चंडीगढ़ के विस्तार के तौर पर विकसित हुआ था। चंडीगढ़ की सख्त प्लानिंग नीतियों ने उसे सीमित और व्यवस्थित बनाए रखा, जबकि मोहाली उसकी सीमाओं के इर्द-गिर्द फैलता चला गया।लेकिन 2025 तक आते-आते मोहाली की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। शहर का स्काईलाइन, सड़कें और सामाजिक ढांचा अब तेज़ विकास, बदलती जनसंख्या संरचना और बढ़ती उद्यमशील ऊर्जा की कहानी कह रहे हैं। मोहाली आज विकास के दबाव से जूझता हुआ एक जीवंत शहर बन चुका है।
मोहाली की परिकल्पना 1960 के दशक में क्षेत्रीय विस्तार के हिस्से के रूप में की गई थी, लेकिन इसे असली पहचान 1990 के दशक और 2000 की शुरुआत में मिली। इस बदलाव में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की निर्णायक भूमिका रही। शहीद भगत सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के संचालन से हवाई संपर्क को बड़ा बढ़ावा मिला, वहीं एयरपोर्ट रोड और खरड़ कॉरिडोर के साथ बने नए सड़क नेटवर्क ने आवागमन को आसान किया और विकास के लिए बड़े क्षेत्रों को खोला।आज मोहाली शिक्षा, तकनीक, रियल एस्टेट और लाइफस्टाइल इकोनॉमी के चौराहे पर खड़ा है। इसकी तरक्की अब सिर्फ चंडीगढ़ के पास होने की वजह से नहीं, बल्कि उस इकोसिस्टम के कारण है, जिसे शहर ने धीरे-धीरे खुद खड़ा किया है।

Share to :
Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You May Also Like

मोहाली में वेरका की नई पहल: मोबाइल वैन से मिलेगा सस्ता खुला दूध, प्लास्टिक कचरा घटाने पर जोर

दैनिक खबरनामा। मोहाली, 7 जून 2026: पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने और…
Share to :

विश्व साइकिल दिवस पर एमसीएम की साइकिल रैली, दिया हरित और स्वस्थ भविष्य का संदेश

दैनिक खबरनामा। चंडीगढ़, 3 जून :  चंडीगढ़ के विश्व साइकिल दिवस 2026…
Share to :

बलटाना के वार्ड-4 में सड़क पर बना खतरनाक गड्ढा, स्थानीय निवासियों में चिंता

बरसात से पहले मरम्मत की मांग, पार्षद अल्का सैनी ने अधिकारियों से…
Share to :

एमसीएम ने सत्र 2026–27 के लिए कॉलेज एवं छात्रावास प्रॉस्पेक्टस जारी किए

दैनिक खबरनामा। चंडीगढ़, 4 जून 2026: शैक्षणिक सत्र 2026–27 की प्रवेश प्रक्रिया…
Share to :