हिमाचल प्रदेश 25 जनवरी 2026( दैनिक खबरनामा) हिमाचल प्रदेश का पर्यटन स्थल मनाली इस समय भीषण मानवीय और प्राकृतिक संकट का सामना कर रहा है। लंबे सूखे के बाद हुई सीजन की पहली बर्फबारी ने जहां पहाड़ों की खूबसूरती को नया रंग दिया, वहीं हजारों पर्यटकों के लिए यह सफेद चादर भारी मुसीबत बन गई। गणतंत्र दिवस के लंबे वीकेंड और बर्फबारी की खबर के चलते देशभर से बड़ी संख्या में पर्यटक मनाली पहुंच गए, जिससे शहर का ट्रैफिक सिस्टम और बुनियादी ढांचा पूरी तरह चरमरा गया।
24 घंटे से ज्यादा जाम में फंसे पर्यटकशुक्रवार शाम से शुरू हुआ यातायात दबाव शनिवार और रविवार को विशाल ट्रैफिक जाम में तब्दील हो गया। मनाली से कोठी के बीच करीब 8 किलोमीटर लंबे मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जो किसी ‘स्थिर कब्रिस्तान’ का दृश्य पेश कर रही हैं। हालात ऐसे हैं कि कई पर्यटक 24 घंटे से अधिक समय से अपने वाहनों में फंसे हुए हैं। खाने-पीने का सामान, पानी और ईंधन की कमी ने लोगों की परेशानियां कई गुना बढ़ा दी हैं।कड़ाके की ठंड और बर्फ ने बढ़ाई मुश्किल माइनस में पहुंचते तापमान और लगातार गिरती बर्फ ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। छोटे बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सबसे ज्यादा प्रभावित हो रही हैं। कई वाहन बर्फ में फिसलकर बीच रास्ते में फंस गए, जिससे ट्रैफिक बहाली में भी दिक्कतें आ रही हैं।होटल फुल, पर्यटक सुरक्षित ठिकानों की तलाश में मनाली के लगभग सभी होटल 100 प्रतिशत बुक हैं। बिना एडवांस बुकिंग पहुंचे सैलानी अब रात गुजारने के लिए कुल्लू और आसपास के निचले इलाकों की ओर रुख कर रहे हैं। कई परिवार अपने वाहनों में ही रात बिताने को मजबूर हैं, जिससे स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी बढ़ गया है।प्रशासन के लिए बनी बड़ी चुनौती स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने में जुटे हुए हैं। बर्फ हटाने के लिए मशीनें लगाई गई हैं, लेकिन भारी भीड़ और लगातार बर्फबारी के कारण हालात पर काबू पाना मुश्किल साबित हो रहा है। प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम अपडेट देखकर ही पहाड़ी इलाकों की ओर रुख करें।
पर्यटन दबाव पर उठे सवाल इस घटना ने एक बार फिर मनाली जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों की वहन क्षमता (कैरीइंग कैपेसिटी) और ट्रैफिक प्रबंधन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पर्यटन को नियंत्रित और नियोजित तरीके से संचालित नहीं किया गया, तो भविष्य में ऐसी घटनाएं आम हो सकती हैं।फिलहाल मनाली में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं और हजारों सैलानी राहत और सुरक्षित निकलने की आस लगाए बैठे हैं।

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