नई दिल्ली 9 जनवरी (दैनिक खबरनामा)भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर नया विवाद सामने आया है। अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक ने दावा किया है कि भारत के साथ व्यापार समझौता किसी नीतिगत मतभेद के कारण नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को सीधे फोन न करने की वजह से अटक गया।एक पॉडकास्ट में लुटनिक ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रम्प खुद इस डील को अंतिम रूप देना चाहते थे, लेकिन भारतीय पक्ष की ओर से सीधा संपर्क नहीं होने के कारण तय समय सीमा निकल गई।
‘ईगो फैक्टर’ से जोड़कर देख रहे हैं एक्सपर्ट इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकार इसे राष्ट्रपति ट्रम्प के व्यक्तिगत अंदाज़ और ‘ईगो फैक्टर’ से जोड़कर देख रहे हैं। उनका मानना है कि ट्रम्प औपचारिक प्रक्रिया से ज्यादा व्यक्तिगत पहल को अहमियत देते हैं और वे खुद प्रधानमंत्री मोदी के फोन की उम्मीद कर रहे थे।
भारत का पलटवार: दावा तथ्यात्मक रूप से गलतअमेरिकी मंत्री के बयान पर भारत ने कड़ा खंडन किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि यह दावा तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रम्प 2025 में अब तक आठ बार फोन पर बातचीत कर चुके हैं।
जायसवाल ने बताया कि 13 फरवरी 2025 से भारत और अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Bilateral Trade Agreement) पर काम कर रहे हैं। इस दौरान कई दौर की बातचीत हुई और कई बार दोनों देश समझौते के बेहद करीब भी पहुंचे।डील लगभग तैयार थी, बस फोन बाकी था’—लुटनिकलुटनिक ने कहा कि भारत के साथ ट्रेड डील लगभग पूरी हो चुकी थी। भारतीय पक्ष को बातचीत फाइनल करने के लिए ‘तीन शुक्रवार’ का समय दिया गया था। उन्होंने दावा किया कि ट्रम्प खुद इस डील को क्लोज करना चाहते थे और इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी का एक फोन कॉल काफी था, लेकिन भारतीय पक्ष इस कदम को लेकर असहज रहा और कॉल नहीं किया गया। इसके चलते डेडलाइन समाप्त हो गई।भारत की देरी से दूसरे देशों को मिला फायदाअमेरिकी मंत्री के अनुसार, भारत की कथित देरी का फायदा इंडोनेशिया, फिलीपींस और वियतनाम जैसे देशों को मिला। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने इन देशों के साथ ट्रेड डील को प्राथमिकता देते हुए समझौते कर लिए।लुटनिक ने ब्रिटेन का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने समय सीमा खत्म होने से पहले राष्ट्रपति ट्रम्प को फोन किया और अगले ही दिन ट्रेड डील की घोषणा कर दी गई।