रीवा 7 जनवरी (दैनिक खबरनामा)रीवा शहर में लोगों को मिल रहा दूषित पेयजल एक गंभीर जनस्वास्थ्य संकट बनता जा रहा है। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिव सिंह ने नगर निगम और जनप्रतिनिधियों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि शहर में हर साल सैकड़ों लोग दूषित पानी के कारण डायरिया और अन्य जलजनित बीमारियों का शिकार हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदारों को इसकी कोई चिंता नहीं है।शिव सिंह ने कहा कि शहर की पानी सप्लाई व्यवस्था पूरी तरह से बदहाल है। नलों से आने वाला पानी न तो फिल्टर होता है और न ही उसकी नियमित जांच की जाती है। बरसात के मौसम में हालात और भी खराब हो जाते हैं, जब गंदा और सीवेज मिला पानी सीधे लोगों के घरों तक पहुंच रहा है। इसका नतीजा यह है कि हर वर्ष अस्पतालों में डायरिया, उल्टी-दस्त और पेट की बीमारियों के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ जाती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री, सांसद और महापौर खुद सप्लाई का पानी नहीं पीते, बल्कि बोतलबंद या आरओ का पानी इस्तेमाल करते हैं, जबकि आम जनता को मजबूरी में वही दूषित पानी पीना पड़ रहा है। शिव सिंह ने कहा, “जो लोग खुद यह पानी नहीं पी सकते, वे शहरवासियों को कैसे भरोसा दिला रहे हैं कि पानी सुरक्षित है?”सपा नेता ने महापौर पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जमीनी हकीकत से कोसों दूर महापौर सिर्फ ‘सफलता की डफली’ बजा रहे हैं। विज्ञापनों और प्रेस नोटों में शहर को स्मार्ट और सुविधाओं से युक्त बताया जा रहा है, जबकि सच्चाई यह है कि लोगों को पीने के लिए साफ पानी तक नसीब नहीं हो रहा।
उन्होंने मांग की कि नगर निगम तत्काल पानी की सप्लाई व्यवस्था की स्वतंत्र जांच कराए, सभी जल स्रोतों की नियमित लैब टेस्टिंग हो और दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही जब तक पानी पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जाता, तब तक प्रभावित इलाकों में टैंकर से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाए।शिव सिंह ने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो समाजवादी पार्टी जनता के साथ मिलकर आंदोलन करेगी और सड़क से लेकर प्रशासनिक दफ्तरों तक संघर्ष किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्वच्छ पानी हर नागरिक का मौलिक अधिकार है और इसके साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता।