नई दिल्ली 8 जनवरी (दैनिक खबरनामा) नई दिल्लीवेदांता ग्रुप के चेयरमैन और उद्योगपति अनिल अग्रवाल इस समय अपने जीवन के सबसे कठिन दौर से गुजर रहे हैं। उनके बेटे अग्निवेश अग्रवाल के असामयिक निधन ने पूरे परिवार को गहरे शोक में डुबो दिया है। इस व्यक्तिगत त्रासदी के बीच अनिल अग्रवाल ने एक बार फिर अपने उस बड़े संकल्प को दोहराया है, जिसने देश-दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है।अनिल अग्रवाल ने ऐलान किया है कि वह अपनी कुल संपत्ति का 75 प्रतिशत से अधिक हिस्सा समाजसेवा के लिए दान करेंगे। उन्होंने कहा कि अब वह अपनी शेष जिंदगी पूरी सादगी और सामाजिक कार्यों के लिए समर्पित करेंगे।बेटे से किया था वादा, अब और मजबूत हुआ संकल्पअपने भावुक संदेश में अनिल अग्रवाल ने बताया कि यह फैसला उन्होंने अपने बेटे अग्निवेश से किए गए एक वादे के तहत लिया था। उन्होंने लिखा कि जो कुछ भी उन्होंने जीवन में कमाया है, उसका बड़ा हिस्सा समाज को लौटाया जाएगा। बेटे के निधन के बाद इस संकल्प को उन्होंने और भी दृढ़ता से अपनाने का फैसला किया है।उन्होंने कहा, “मेरी आगे की पूरी जिंदगी इसी उद्देश्य के लिए होगी।”बेटे के जाने से टूट गया परिवार49 वर्ष की उम्र में अग्निवेश अग्रवाल का अमेरिका में इलाज के दौरान कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया। एक पिता के लिए जवान बेटे को खोना असहनीय पीड़ा है। अनिल अग्रवाल ने लिखा कि वह और उनकी पत्नी किरण अग्रवाल इस सदमे से पूरी तरह टूट चुके हैं, लेकिन वेदांता परिवार का हर कर्मचारी उन्हें अपने बच्चों जैसा लगता है और वही उन्हें आगे बढ़ने की ताकत देता है।
अनिल अग्रवाल: संघर्ष से शिखर तक का सफरअनिल अग्रवाल Vedanta Resources के संस्थापक और चेयरमैन हैं। वर्ष 1976 में उन्होंने वेदांता ग्रुप की नींव रखी थी। आज यह समूह मेटल, माइनिंग, पावर और ऑयल जैसे बड़े क्षेत्रों में काम कर रहा है और भारत के साथ-साथ विदेशों में भी इसकी मजबूत मौजूदगी है।1954 में पटना (बिहार) में जन्मे अनिल अग्रवाल ने बेहद कम उम्र में अपने पिता के साथ कबाड़ के व्यापार से काम शुरू किया। महज 19 साल की उम्र में वह मुंबई पहुंचे। शुरुआती दौर में कई बार नुकसान हुआ, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। यही संघर्ष आगे चलकर वेदांता ग्रुप की सफलता की कहानी बना।
परिवार और उत्तराधिकारअनिल अग्रवाल की पत्नी किरण अग्रवाल हमेशा लाइमलाइट से दूर रहीं, लेकिन हर अहम फैसले में उनके साथ मजबूती से खड़ी रहीं। उनकी बेटी प्रिया अग्रवाल अब परिवार और बिजनेस की बड़ी जिम्मेदारियां संभाल रही हैं। वह Hindustan Zinc की चेयरपर्सन हैं और ग्रुप के कई महत्वपूर्ण काम देख रही हैं।वहीं, अनिल अग्रवाल के भाई नवीन अग्रवाल वेदांता ग्रुप के वाइस चेयरमैन हैं।अग्निवेश अग्रवाल की भूमिका
अग्निवेश अग्रवाल भी वेदांता समूह में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। वह Talwandi Sabo Power Limited के बोर्ड में शामिल थे और उन्होंने Fujairah Gold जैसी कंपनी की स्थापना भी की थी। इतने बड़े कारोबारी परिवार से होने के बावजूद वह सादा जीवन पसंद करते थे। उनका अचानक जाना पूरे परिवार और उद्योग जगत के लिए बड़ा झटका है।कितनी है अनिल अग्रवाल की संपत्ति?
Forbes के अनुसार, अनिल अग्रवाल और उनके परिवार की कुल संपत्ति करीब 4.2 अरब डॉलर है, जो भारतीय मुद्रा में लगभग 35,000 करोड़ रुपये के आसपास बैठती है। उन्होंने पहले ही इस संपत्ति का 75 प्रतिशत हिस्सा दान करने का ऐलान किया था, जिसे बेटे के निधन के बाद उन्होंने एक बार फिर दोहराया है।
बेटे के सपनों को देंगे नई उड़ानअनिल अग्रवाल ने लिखा कि उनका और उनके बेटे का सपना एक ही था— आत्मनिर्भर भारत। ऐसा देश जहां कोई बच्चा भूखा न सोए, हर बच्चे को शिक्षा मिले, महिलाएं सशक्त हों और युवाओं को रोजगार के अवसर मिलें।
उन्होंने कहा, “बेटे के बिना जिंदगी अधूरी जरूर है, लेकिन उसके सपने अधूरे नहीं रहने दूंगा।”

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