नई दिल्ली: विदेश यात्रा की तैयारी कर रहे लोगों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। केंद्र सरकार ने पासपोर्ट और उससे संबंधित विभिन्न सेवाओं के शुल्क में संशोधन करते हुए नई दरों की घोषणा की है। संशोधित शुल्क संरचना 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होगी। इसके लिए पासपोर्ट नियम, 1980 में आवश्यक बदलाव किए गए हैं और नई फीस आधिकारिक रूप से अधिसूचित कर दी गई है।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद सामान्य और तत्काल दोनों श्रेणियों में पासपोर्ट बनवाने या उसका पुनः निर्गमन (री-इश्यू) कराने पर पहले से अधिक राशि खर्च करनी होगी। ऐसे आवेदक जो मौजूदा शुल्क पर आवेदन करना चाहते हैं, वे 30 जून 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।
वयस्कों के लिए संशोधित शुल्क
18 वर्ष या उससे अधिक आयु के नागरिकों के लिए 36 पृष्ठों वाले नए अथवा री-इश्यू पासपोर्ट की सामान्य श्रेणी में फीस 2,500 रुपये निर्धारित की गई है, जबकि तत्काल सेवा के लिए 5,000 रुपये का भुगतान करना होगा।
इसी प्रकार 60 पृष्ठों वाले पासपोर्ट के लिए सामान्य शुल्क 3,500 रुपये तथा तत्काल श्रेणी में 6,000 रुपये तय किया गया है।
खोए या क्षतिग्रस्त पासपोर्ट पर अधिक शुल्क
पासपोर्ट के खो जाने या क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में पुनः जारी कराने की लागत भी बढ़ा दी गई है। 36 पृष्ठों वाले पासपोर्ट के लिए सामान्य शुल्क 5,000 रुपये और तत्काल सेवा शुल्क 7,500 रुपये होगा।
वहीं 60 पृष्ठों वाले पासपोर्ट के लिए सामान्य श्रेणी में 6,000 रुपये तथा तत्काल श्रेणी में 8,500 रुपये शुल्क देना होगा।
नाबालिग आवेदकों के लिए नई दरें
18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए 36 पृष्ठों वाले नए पासपोर्ट की सामान्य फीस 1,750 रुपये तय की गई है, जबकि तत्काल सेवा के लिए 4,250 रुपये शुल्क लिया जाएगा।
यदि नाबालिग का पासपोर्ट खो जाता है या खराब हो जाता है, तो उसके पुनः निर्गमन के लिए सामान्य शुल्क 4,250 रुपये और तत्काल शुल्क 6,750 रुपये निर्धारित किया गया है।
अन्य पासपोर्ट सेवाओं का शुल्क
सरकार ने पुलिस क्लियरेंस सर्टिफिकेट (PCC), सरेंडर सर्टिफिकेट, ग्लोबल एंट्री प्रोग्राम वेरिफिकेशन तथा अन्य पासपोर्ट-आधारित प्रमाणपत्रों के लिए 750 रुपये शुल्क निर्धारित किया है।
इसके अतिरिक्त सर्टिफिकेट ऑफ आइडेंटिटी प्राप्त करने के लिए 1,000 रुपये का शुल्क देना होगा।
बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों को राहत जारी
सरकार ने 8 वर्ष तक की आयु के बच्चों और 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को नए पासपोर्ट आवेदन पर मिलने वाली 10 प्रतिशत शुल्क छूट को बरकरार रखा है। हालांकि यह रियायत केवल नए (फ्रेश) पासपोर्ट आवेदन पर लागू होगी, री-इश्यू मामलों में इसका लाभ नहीं मिलेगा।
पासपोर्ट की वैधता अवधि
18 वर्ष या उससे अधिक आयु के व्यक्तियों को जारी किया जाने वाला सामान्य पासपोर्ट 10 वर्ष तक वैध रहेगा। वहीं, 18 वर्ष से कम आयु के आवेदकों के लिए पासपोर्ट की वैधता 5 वर्ष अथवा 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक, जो भी पहले हो, रहेगी।
इस बीच नागरिकता संबंधी दस्तावेजों को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच सरकार ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि पासपोर्ट मुख्य रूप से एक यात्रा दस्तावेज है और इसे नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं माना जा सकता। वहीं, शुल्क वृद्धि का यह निर्णय भी सार्वजनिक चर्चा का विषय बना हुआ है।