दैनिक खबरनामा। श्रीनगर, 9 जून : जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के बीच सालभर सुगम संपर्क सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई है। एशिया की सबसे लंबी दो-तरफा सड़क सुरंग जोजिला टनल का ब्रेकथ्रू सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। इस अवसर पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सुरंग स्थल का दौरा कर चट्टान की अंतिम दीवार की प्रतीकात्मक खुदाई की।
लद्दाख के सांसद मोहम्मद हनीफा जान ने इस उपलब्धि को क्षेत्र के लोगों के लिए ऐतिहासिक क्षण बताते हुए कहा कि पिछले छह से सात दशकों से जिस परियोजना का इंतजार किया जा रहा था, वह अब साकार होती दिखाई दे रही है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान इस क्षेत्र में हर मौसम में संपर्क बनाए रखने के लिए सुरंग की आवश्यकता को गंभीरता से महसूस किया गया था। यह परियोजना न केवल सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि लद्दाख और कारगिल के आर्थिक विकास को भी नई गति देगी। इसके पूरा होने से छात्रों, मरीजों, बुजुर्गों और आम नागरिकों को वर्षभर सुरक्षित और निर्बाध आवागमन की सुविधा मिलेगी।
जोजिला परियोजना से जुड़े अथॉरिटी इंजीनियर यूसुफ, जो ईरान से हैं, ने बताया कि परियोजना का लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि ब्रेकथ्रू सुरंग निर्माण का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जिसमें सुरंग के दोनों सिरों का सफलतापूर्वक जुड़ना शामिल होता है।
यूसुफ के अनुसार, शेष कार्य पूरा होने में लगभग दो वर्ष और लग सकते हैं। उन्होंने कहा कि सुरंग को आम जनता के लिए पूरी तरह खोलने में करीब ढाई वर्ष का समय लग सकता है। हालांकि, किसी आपातकालीन स्थिति या सैन्य आवश्यकता की स्थिति में सीमित रूप से इसका उपयोग संभव हो सकता है।
जोजिला सुरंग के पूरा होने के बाद श्रीनगर, कारगिल और लेह के बीच आवागमन वर्षभर संभव हो सकेगा। वर्तमान में भारी बर्फबारी के कारण जोजिला दर्रा कई महीनों तक बंद रहता है, जिससे लद्दाख का संपर्क घाटी से कट जाता है। यह सुरंग इस समस्या का स्थायी समाधान साबित होगी और क्षेत्र के विकास, पर्यटन तथा राष्ट्रीय सुरक्षा को नई मजबूती प्रदान करेगी।