दैनिक खबरनामा 2 मई 2026 अब जमीन के नीचे क्या छिपा है गैस पाइपलाइन, बिजली के तार या अन्य ढांचा—इसका पता लगाने के लिए न तो खुदाई करनी पड़ेगी और न ही ज्यादा इंसानी मेहनत। आईआईटी मंडी ने एक ऐसा एनसीएम (नॉन-कॉन्टैक्टिंग) सिस्टम विकसित किया है, जो बिना जमीन खोदे ही अंदर मौजूद संरचनाओं की सटीक जानकारी दे सकता है।इस तकनीक का दुबई में सफल परीक्षण किया जा चुका है, जहां गैस पाइपलाइन की जांच के लिए इसका इस्तेमाल हुआ और सकारात्मक परिणाम सामने आए। मौजूदा समय में जमीन के नीचे की जांच में इंसानी हस्तक्षेप जरूरी होता है और एक दिन में अधिकतम 5 किलोमीटर तक ही सर्वे हो पाता है, लेकिन इस नए सिस्टम के जरिए 15 से 20 किलोमीटर तक सर्वे संभव है।यह डिवाइस लगातार आठ घंटे तक काम कर सकती है और इसे एक ही स्थान पर बैठकर संचालित किया जा सकता है। खास बात यह है कि यह जमीन के नीचे करीब साढ़े तीन मीटर तक की गहराई में मौजूद पाइपलाइन या अन्य ढांचों की सटीक जानकारी दे सकती है।इस प्रोजेक्ट पर डॉ. नरेन, डॉ. अमित शुक्ला और उनकी टीम ने काम किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक आने वाले समय में भारत की बड़ी कंपनियों के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकती है।इसके अलावा, यह डिवाइस आम लोगों के लिए भी फायदेमंद है। जो लोग नया घर बनाने की योजना बना रहे हैं, वे पहले ही यह जान सकेंगे कि जमीन के नीचे कोई पाइपलाइन या बिजली के तार तो नहीं हैं, जिससे खुदाई से पहले सही फैसला लिया जा सकेगा।
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