दैनिक खबरनामा 2 मई 2026 अहीरवाल की राजनीति में शनिवार को नए राजनीतिक समीकरण उभरते नजर आए, जब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का दौरा केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि दक्षिण हरियाणा की राजनीति में संतुलन साधने की एक बड़ी रणनीतिक पहल साबित हुआ।अपने एक दिवसीय दौरे की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने राव नरबीर सिंह के साथ रामगढ़-भगवानपुर में पिछले 319 दिनों से चल रहे धरने को समाप्त कराया। यह आंदोलन केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के खिलाफ स्थानीय ग्रामीणों के आक्रोश के कारण चल रहा था। मुख्यमंत्री ने संवाद स्थापित करते हुए स्टेडियम और आयुर्वेदिक कॉलेज जैसी विकास परियोजनाओं की घोषणा की, जिससे आंदोलन का शांतिपूर्ण समाधान हुआ। इस घटनाक्रम का श्रेय राव नरबीर सिंह को भी मिला, जिससे उनकी राजनीतिक स्थिति मजबूत होती दिखी।इसके बाद मुख्यमंत्री सैनी का रामपुरा स्थित राव इंद्रजीत सिंह के आवास पर पहुंचकर भोजन करना अहीरवाल की राजनीति में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने उनके घर जाकर सीधा संवाद किया। इस मुलाकात में प्रदेश प्रभारी सतीश पुनिया की मौजूदगी ने इसे और अधिक राजनीतिक महत्व दिया।यह पूरा घटनाक्रम संकेत देता है कि मुख्यमंत्री सैनी दक्षिण हरियाणा में पार्टी के दोनों बड़े चेहरों—राव इंद्रजीत और राव नरबीर—के बीच संतुलन बनाकर चलने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। जहां एक ओर राव इंद्रजीत को मुख्यधारा में बनाए रखने की कोशिश दिखी, वहीं दूसरी ओर राव नरबीर की भूमिका को भी मजबूती मिली।इस बीच राव इंद्रजीत सिंह ने मुख्यमंत्री की सराहना करते हुए उन्हें “सफेद मूठ छोड़ने वाला सिद्ध पुरुष” बताया और कहा कि वे जनहित में काम करने वाले नेता हैं।
कुल मिलाकर, यह दौरा अहीरवाल की राजनीति में शक्ति संतुलन और नए समीकरणों की दिशा तय करता नजर आ रहा है।