दैनिक खबरनामा  चंडीगढ़ 26 मई : पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि मां का अपमान करने वाले बेटे को अपने ही घर में रहने का अधिकार नहीं दिया जा सकता। अदालत ने माता-पिता के सम्मान और देखभाल को भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों का अहम हिस्सा बताते हुए बेटे को घर खाली करने के आदेश दिए हैं।
मामला एक बुजुर्ग महिला से जुड़ा था, जिसने अदालत में याचिका दायर कर आरोप लगाया कि उसका बेटा और बहू उसके साथ दुर्व्यवहार करते हैं और घर में मानसिक प्रताड़ना देते हैं। महिला ने अदालत से सुरक्षा और संपत्ति पर अधिकार की मांग की थी।
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि भारतीय समाज में माता-पिता का सम्मान सर्वोपरि माना गया है और संतान का कर्तव्य है कि वह बुजुर्ग माता-पिता की सेवा करे। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि संतान अपने व्यवहार से माता-पिता का जीवन मुश्किल बनाती है, तो उन्हें संपत्ति से बेदखल किया जा सकता है।
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना कानून का उद्देश्य है। अदालत ने ‘माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम, 2007’ का हवाला देते हुए प्रशासन को महिला को आवश्यक सुरक्षा उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला समाज में बढ़ रही पारिवारिक कलह और बुजुर्गों के साथ दुर्व्यवहार के मामलों में एक मिसाल साबित हो सकता है।

Share to :
Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You May Also Like

चंडीगढ़ मेयर चुनाव में BJP की बड़ी जीत, सौरव जोशी बने नए मेयर

चंडीगढ़ 29 जनवरी 2026(जगदीश कुमार)चंडीगढ़ मेयर चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने…
Share to :

पंजाब बम धमाकों पर बोले गवर्नर कटारिया दोषारोपण से नहीं मिलेगा समाधान”

दैनिक खबरनामा 7 मई 2026 चंडीगढ़ पंजाब में हाल ही में हुए…
Share to :

चंडीगढ़ में स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी से हड़कंप, ई-मेल से मिली चेतावनी कई सरकारी-प्राइवेट स्कूल खाली, पुलिस का सघन सर्च ऑपरेशन जारी

चंडीगढ़ 28 जनवरी 2026 (दैनिक खबरनामा) चंडीगढ़ में मंगलवार को उस वक्त…
Share to :

शिवालिक की हरियाली खतरे में शोध में खुलासा, जैव विविधता के सामने अस्तित्व का संकट

चंडीगढ़ 22 जनवरी( दैनिक खबरनामा ) चंडीगढ़।कभी घने जंगलों और समृद्ध वन्य…
Share to :