दैनिक खबरनामा
30 जुलाई न्यूयॉर्क : अमेरिकी समाचार पत्र द न्यूयॉर्क टाइम्स द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट में “Pakistani Kashmir” शब्द के प्रयोग पर भारत ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। अमेरिका स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी आधिकारिक बयान में कहा कि यह शब्दावली न केवल भ्रामक है, बल्कि तथ्यात्मक रूप से भी गलत है।
दूतावास ने स्पष्ट किया कि “Pakistani Kashmir” नाम का कोई क्षेत्र अस्तित्व में नहीं है। बयान के अनुसार, यह भारत का वह भूभाग है जिस पर पाकिस्तान ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। भारत ने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से थे, हैं और भविष्य में भी रहेंगे।
भारतीय दूतावास ने यह भी कहा कि पाकिस्तान ने इन क्षेत्रों के कुछ हिस्सों पर अवैध कब्जा बनाए रखा है और वहां रहने वाले लोगों के खिलाफ हिंसा का सहारा लिया जा रहा है। दूतावास ने कहा कि इस विषय पर भारत की नीति पहले की तरह स्पष्ट, सुसंगत और अटल है।
दरअसल, द न्यूयॉर्क टाइम्स ने स्थानीय चुनावों से जुड़ी अपनी रिपोर्ट में “Clashes Erupt in Pakistani Kashmir as Voting in Local Election Begins” शीर्षक का इस्तेमाल किया था। इसी शब्दावली को लेकर भारत ने सार्वजनिक रूप से अपनी आपत्ति दर्ज कराई।
अपने बयान में भारतीय दूतावास ने फिर दोहराया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न अंग हैं तथा पाकिस्तान का इन क्षेत्रों के कुछ हिस्सों पर कब्जा पूरी तरह अवैध है। दूतावास ने यह भी कहा कि पाकिस्तान की नीतियों और हिंसा का सबसे अधिक असर उन इलाकों में रहने वाले लोगों पर पड़ रहा है।
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब द न्यूयॉर्क टाइम्स ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में जारी विरोध-प्रदर्शनों और झड़पों पर रिपोर्ट प्रकाशित की। रिपोर्ट में जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन को आर्थिक चुनौतियों, बढ़ती महंगाई और राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों के कारण उत्पन्न जन असंतोष से जोड़कर प्रस्तुत किया गया था।