दैनिक खबरनामा नई दिल्ली, 29 मई : राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने आतंकवाद के खिलाफ पूरी दुनिया से एकजुट और निष्पक्ष कार्रवाई की अपील करते हुए कहा कि इस गंभीर खतरे के मामले में किसी प्रकार का दोहरा व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विश्व समुदाय को यह तय करना होगा कि वह आतंक फैलाने वाली ताकतों के साथ खड़ा है या मानवता और शांति की रक्षा के पक्ष में।
रूस में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा प्रतिनिधियों की बैठक को संबोधित करते हुए डोभाल ने कहा कि आतंकवाद आज भी विश्व शांति, स्थिरता और विकास के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसके समर्थकों और प्रायोजकों के खिलाफ ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
बैठक में विभिन्न देशों के सुरक्षा प्रतिनिधियों ने बदलते वैश्विक हालात, बढ़ते क्षेत्रीय तनाव और नई सुरक्षा चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया। इस दौरान डोभाल ने कहा कि वर्तमान वैश्विक संस्थाएं और सुरक्षा ढांचे आज की परिस्थितियों के अनुरूप नहीं रह गए हैं। उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद बने अंतरराष्ट्रीय तंत्र में व्यापक बदलाव की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि विकासशील और दक्षिणी देशों को वैश्विक निर्णय प्रक्रिया में अधिक भागीदारी मिलनी चाहिए, ताकि अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं अधिक संतुलित और प्रभावी बन सकें। डोभाल ने यह भी कहा कि वर्तमान समय में दुनिया आर्थिक अस्थिरता, व्यापारिक प्रतिस्पर्धा, तकनीकी संघर्ष और क्षेत्रीय युद्धों जैसी अनेक चुनौतियों से जूझ रही है।
पश्चिम एशिया की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई। उनका कहना था कि समुद्री सुरक्षा वैश्विक व्यापार और आर्थिक स्थिरता के लिए बेहद अहम है।
डोभाल ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत लंबे समय से सीमा पार से प्रायोजित आतंकवाद का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे हमलों के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ भारत ने कड़ी और निर्णायक कार्रवाई की है।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आतंकवाद के खिलाफ एक समान और कठोर नीति अपनाने का आग्रह करते हुए कहा कि शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए सभी देशों को मिलकर ईमानदार प्रयास करने होंगे।