दैनिक खबरनामा ब्यूरो हरिद्वार, 29 मई : जनपद में ईद का पर्व गुरुवार को पारंपरिक रीति-रिवाजों और उत्साह के साथ मनाया गया। ज्वालापुर स्थित ईदगाह सहित शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की विभिन्न मस्जिदों में बड़ी संख्या में लोगों ने नमाज अदा की और देश में शांति, सौहार्द, खुशहाली तथा तरक्की की दुआ मांगी।
ईदगाह में नमाज के बाद आयोजित सभा को संबोधित करते हुए धर्मगुरुओं ने आपसी भाईचारे, प्रेम और सामाजिक एकता का संदेश दिया। इस दौरान मुस्लिम समुदाय की ओर से गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग भी उठाई गई।
मौलाना वाहिद ने अपने संबोधन में कहा कि ईद त्याग, समर्पण और विश्वास का प्रतीक पर्व है। उन्होंने हजरत इब्राहिम और हजरत इस्माइल के बलिदान का उल्लेख करते हुए कहा कि यह पर्व इंसानियत, सब्र और आस्था का संदेश देता है।
जमीयत उलेमा ए हिंद के अध्यक्ष मौलाना आरिफ कासमी ने कहा कि भारत विविध धर्मों और संस्कृतियों का देश है, जहां सभी त्योहार आपसी सद्भाव को मजबूत करते हैं। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए, जिससे गौ संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और इससे जुड़े विवादों में कमी आ सकेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि गायों की अवैध खरीद-फरोख्त और हत्या पर रोक लगाने के लिए कठोर कानून बनाए जाने चाहिए।
ईदगाह समिति के उपाध्यक्ष सज्जाद गौड़ और हाजी मुकर्रम अली ने लोगों से मिलजुलकर त्योहार मनाने और समाज में प्रेम, भाईचारे तथा सौहार्द बनाए रखने की अपील की।