दैनिक खबरनामा | नई दिल्ली, 30 मई : देश की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में भारतीय सेनाएं लगातार तैयारी में जुटी हुई हैं। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने शनिवार को कहा कि हाल के घटनाक्रमों के बाद सेना पूरी सतर्कता के साथ आगे की चुनौतियों के लिए तैयारी कर रही है। उन्होंने बताया कि सीमाओं पर स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और तीनों सेनाओं के बीच तालमेल बढ़ाया जा रहा है।
एक विशेष बातचीत में सेना प्रमुख ने कहा कि हालात पूरी तरह सामान्य नहीं माने जा सकते। उन्होंने संकेत दिए कि देश की सुरक्षा से जुड़ा अभियान अभी भी जारी है और सुरक्षा बल हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।
सीमापार गतिविधियों पर कड़ी नजर
जनरल द्विवेदी ने कहा कि देश की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यदि भविष्य में किसी भी प्रकार की चुनौती सामने आती है तो थल सेना, वायु सेना और नौसेना मिलकर प्रभावी कार्रवाई करने में सक्षम हैं। उनका कहना था कि तीनों सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में युद्ध का स्वरूप बदल चुका है। अब हर गतिविधि पर नजर रखी जाती है, इसलिए सैनिकों की तैनाती और सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतना आवश्यक हो गया है।
सूचना के मोर्चे पर भी सजग रहने की जरूरत
सेना प्रमुख ने कहा कि किसी भी संघर्ष में केवल हथियार ही निर्णायक नहीं होते, बल्कि सूचना का सही उपयोग भी बेहद महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने कहा कि जब पूरा देश एकजुट होकर सुरक्षा बलों पर विश्वास करता है, तभी राष्ट्र और अधिक मजबूत बनता है।
उन्होंने यह भी कहा कि देशवासियों का भरोसा और एकता किसी भी चुनौती का सामना करने की सबसे बड़ी शक्ति है। यदि समाज संगठित रहे तो हर कठिन परिस्थिति का सफलतापूर्वक मुकाबला किया जा सकता है।
पहलगाम हमले के बाद बढ़ी सतर्कता
उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष जम्मू-कश्मीर के पहलगाम क्षेत्र में हुए आतंकी हमले के बाद सुरक्षा बलों ने व्यापक स्तर पर कार्रवाई शुरू की थी। उस हमले में कई लोगों की जान गई थी। इसके बाद देश की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के लिए सीमाओं पर निगरानी बढ़ाई गई तथा सुरक्षा बलों को उच्च सतर्कता पर रखा गया।
अब सेनाएं भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए हर स्तर पर तैयारी में जुटी हुई हैं।