महाराजा रणजीत सिंह आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट की एक और बड़ी उपलब्धि, 150वीं पासिंग आउट परेड में चमके पंजाब के युवा
दैनिक खबरनामा। चंडीगढ़/एसएएस नगर, 30 मई : पंजाब के युवाओं ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा और समर्पण का परिचय दिया है। एसएएस नगर स्थित महाराजा रणजीत सिंह आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट (एमआरएसएएफपीआई) के पांच पूर्व कैडेट प्रतिष्ठित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए), खड़कवासला से सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा कर पास-आउट हुए हैं। यह उपलब्धि न केवल संस्थान बल्कि पूरे पंजाब के लिए गर्व का विषय मानी जा रही है।
पुणे के खड़कवासला में आयोजित एनडीए के 150वें कोर्स की पासिंग आउट परेड का निरीक्षण थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने किया। इस भव्य समारोह में देशभर के कैडेटों के साथ पंजाब के पांच युवा भी अपनी सफलता का परचम लहराते नजर आए।
पास-आउट होने वाले कैडेटों में संगरूर के जसकीर्तन सिंह, जालंधर के मनजोत सिंह वालिया और ध्रुव भंडारी, पटियाला के हर्षदीप सिंह तथा मोहाली के पार्थ कवि शामिल हैं। इन सभी ने पहले एमआरएसएएफपीआई में दो वर्षों का प्रारंभिक सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त किया और इसके बाद एनडीए में तीन वर्षों की कठिन एवं अनुशासित प्रशिक्षण प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया।
इन कैडेटों की उपलब्धि इसलिए भी विशेष मानी जा रही है क्योंकि इनके प्रशिक्षण का बड़ा हिस्सा कोविड-19 महामारी के चुनौतीपूर्ण दौर में पूरा हुआ। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया और उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए सफलता हासिल की।
अब ये सभी कैडेट अपनी-अपनी सेवा प्रशिक्षण अकादमियों में शामिल होंगे, जहां अंतिम सैन्य प्रशिक्षण के बाद अगले वर्ष भारतीय सशस्त्र सेनाओं में कमीशंड अधिकारी के रूप में नियुक्त किए जाएंगे।
पंजाब के रोजगार सृजन, कौशल विकास एवं प्रशिक्षण मंत्री अमन अरोड़ा ने कैडेटों को बधाई देते हुए कहा कि इन युवाओं ने राज्य का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार युवाओं को रक्षा सेवाओं में करियर बनाने के लिए बेहतर अवसर और प्रशिक्षण उपलब्ध करा रही है तथा यह सफलता उसी प्रयास का सकारात्मक परिणाम है।
एमआरएसएएफपीआई के निदेशक मेजर जनरल अजय एच. चौहान (वीएसएम) ने कहा कि संस्थान लगातार उत्कृष्ट परिणाम दे रहा है और आने वाले समय में भी यह सिलसिला जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि संस्थान के 25 अन्य कैडेट वर्तमान में एसएसबी साक्षात्कार की तैयारी कर रहे हैं और उनसे भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि इन युवा कैडेटों की सफलता संस्थान की गुणवत्ता, अनुशासन और प्रशिक्षण व्यवस्था की पहचान है, जो पंजाब के युवाओं को देश की रक्षा सेवाओं में नेतृत्वकारी भूमिका निभाने के लिए तैयार कर रही है।