दैनिक खबरनामा | जम्मू, 1 जून : इबोला वायरस के संभावित खतरे को देखते हुए जम्मू स्वास्थ्य विभाग ने रविवार को राजकीय मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) जम्मू के सहयोग से व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित कर आपातकालीन तैयारियों का जायजा लिया। हालांकि जम्मू-कश्मीर में अब तक इबोला का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के बाद स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है।
मॉक ड्रिल के दौरान दोपहर करीब 1:45 बजे एक एम्बुलेंस संदिग्ध मरीज को लेकर जीएमसी जम्मू के बीएसएल लैब से जुड़े आइसोलेशन वार्ड पहुंची। वहां तैनात स्वास्थ्य कर्मियों ने मरीज को तत्काल स्ट्रेचर के माध्यम से वार्ड में पहुंचाया और संक्रमण नियंत्रण, ऑक्सीजन सपोर्ट तथा उपचार प्रक्रिया सहित विभिन्न आपात व्यवस्थाओं का अभ्यास किया।
इस दौरान जीएमसी जम्मू के प्रिंसिपल डॉ. आशुतोष गुप्ता, एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. रश्मि, स्टेट मलेरिया अधिकारी डॉ. संजय तथा माइक्रोबायोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. संदीप डोगरा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
डॉ. रश्मि ने बताया कि केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुरूप यह मॉक ड्रिल आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि जीएमसी जम्मू में 28 बिस्तरों वाला विशेष आइसोलेशन वार्ड पहले से तैयार है, जबकि संदिग्ध मरीजों के क्वारंटाइन के लिए राजीव गांधी अस्पताल, गंग्याल में भी 28 बिस्तरों की अलग सुविधा विकसित की गई है।
उन्होंने बताया कि जम्मू में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा नहीं होने के कारण फिलहाल एयरपोर्ट स्तर पर विशेष निगरानी की आवश्यकता नहीं है, लेकिन केंद्र सरकार से प्राप्त सभी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जा रहा है।
माइक्रोबायोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. संदीप डोगरा ने कहा कि जीएमसी जम्मू किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि आवश्यकता पड़ने पर आइसोलेशन वार्ड की क्षमता को और बढ़ाया जा सकता है।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि संभावित संक्रामक रोगों से निपटने के लिए तैयारियों को लगातार मजबूत किया जा रहा है ताकि किसी भी चुनौतीपूर्ण स्थिति में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके।