दैनिक खबरनामा | नई दिल्ली, 2 जून : देश में बढ़ती पेट्रोल कीमतों के बीच वाहन निर्माता मारुति सुजुकी भारतीय बाजार में अपनी पहली फ्लेक्स-फ्यूल कार पेश करने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि कंपनी 4 जून को इस नई तकनीक से लैस वाहन को आधिकारिक रूप से लॉन्च कर सकती है। यह कदम वैकल्पिक और पर्यावरण-अनुकूल ईंधन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक क्या है?
फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक वाली कारें पेट्रोल के बजाय उच्च मात्रा में इथेनॉल मिश्रित ईंधन पर चल सकती हैं। प्रस्तावित वाहन में 85 से 100 प्रतिशत तक इथेनॉल का उपयोग संभव होगा, जिससे पेट्रोल पर निर्भरता काफी कम हो सकती है और ईंधन खर्च में भी राहत मिलने की उम्मीद है।
नितिन गडकरी ने दिए थे संकेत
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कुछ समय पहले संकेत दिए थे कि मारुति जल्द ही अपनी फ्लेक्स-फ्यूल कार भारतीय बाजार में उतार सकती है। इसके बाद से इस तकनीक को लेकर ऑटो सेक्टर में उत्सुकता बढ़ गई थी।
कौन सी कार होगी पहली फ्लेक्स-फ्यूल पेशकश?
हालांकि कंपनी ने अभी तक आधिकारिक तौर पर मॉडल के नाम की पुष्टि नहीं की है, लेकिन उद्योग जगत की रिपोर्टों के अनुसार लोकप्रिय हैचबैक मारुति सुजुकी वैगन आर को सबसे पहले फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक के साथ पेश किया जा सकता है।
ऑटो एक्सपो में दिखा था प्रोटोटाइप
मारुति ने फ्लेक्स-फ्यूल वैगन आर का प्रोटोटाइप संस्करण वर्ष 2023 के ऑटो एक्सपो में प्रदर्शित किया था। अब माना जा रहा है कि कंपनी इसका प्रोडक्शन मॉडल बाजार के सामने पेश कर सकती है।
बिक्री शुरू होने में लग सकता है समय
लॉन्च के बाद भी वाहन की बिक्री तत्काल शुरू होने की संभावना कम है। इसकी प्रमुख वजह देशभर में ई85 और अन्य इथेनॉल आधारित ईंधन की सीमित उपलब्धता है। विशेषज्ञों का मानना है कि फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के व्यापक उपयोग के लिए पहले ईंधन वितरण नेटवर्क को मजबूत करना होगा।
पर्यावरण और जेब दोनों को फायदा
फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक न केवल पेट्रोल की खपत कम करती है, बल्कि कार्बन उत्सर्जन में भी कमी लाने में मददगार साबित हो सकती है। ऐसे में यह तकनीक भविष्य के स्वच्छ और किफायती परिवहन विकल्पों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।