दैनिक खबरनामा।अंताल्या (तुर्किये)/ 05 जून 2026. युद्ध और वैश्विक तनाव के बीच ईरान की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम फीफा विश्व कप की तैयारियों में जुटी हुई है। टीम के खिलाड़ियों का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियां उनके लिए मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण हैं, लेकिन वे अपने देश और देशवासियों के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
ईरान के अनुभवी मिडफील्डर सईद एज़ातोलाही ने कहा कि ऐसे माहौल में खेल पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित करना आसान नहीं है। उन्होंने बताया कि खिलाड़ी लगातार अपने देश से जुड़ी खबरों और घटनाक्रमों पर नजर रख रहे हैं, जिसका स्वाभाविक रूप से उनके मनोबल और मानसिक स्थिति पर प्रभाव पड़ता है।
एज़ातोलाही, जो अपने तीसरे विश्व कप में हिस्सा लेने जा रहे हैं, ने कहा कि अनुभव होने के कारण वह परिस्थितियों को बेहतर ढंग से संभाल सकते हैं, लेकिन युवा खिलाड़ियों के लिए यह समय अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है। उन्होंने कहा कि टीम का लक्ष्य अपने देश का सम्मान बढ़ाना और दुनिया के सामने अपनी क्षमता का प्रदर्शन करना है।
वहीं, पहली बार विश्व कप में हिस्सा लेने जा रहे मोहम्मद घोरबानी ने कहा कि खिलाड़ी होने के नाते उनका कर्तव्य है कि वे प्रशिक्षण जारी रखें और प्रतियोगिता के लिए पूरी तरह तैयार रहें। उन्होंने कहा कि देश के लोग कठिन दौर से गुजर रहे हैं और टीम चाहती है कि अपने प्रदर्शन से उन्हें खुशी और गर्व का एहसास करा सके।
ईरानी टीम जल्द ही मेक्सिको रवाना होगी, जहां वह अपने अंतिम प्रशिक्षण सत्र आयोजित करेगी। टीम प्रबंधन के अनुसार, सभी खिलाड़ियों और अधिकारियों की यात्रा संबंधी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। प्रशासनिक कारणों से टीम के प्रशिक्षण शिविर में कुछ बदलाव भी किए गए हैं।
विश्व कप में ईरान का पहला मुकाबला न्यूजीलैंड से होगा। इसके बाद टीम बेल्जियम और मिस्र के खिलाफ ग्रुप चरण के अन्य मैच खेलेगी। खिलाड़ियों का कहना है कि मैदान के बाहर की परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, वे मैदान पर पूरी प्रतिबद्धता और जज्बे के साथ उतरेंगे।
टीम के सदस्यों का मानना है कि खेल लोगों को एकजुट करने और कठिन समय में उम्मीद देने का माध्यम बन सकता है। इसी भावना के साथ ईरानी खिलाड़ी विश्व कप में अपने देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए तैयार हैं।