नई दिल्ली | दैनिक खबरनामा | 8 जून, 2026
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती भूमिका के बीच Meta के AI सिस्टम की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एक कथित साइबर हमले में 20,000 से अधिक Instagram अकाउंट्स से जुड़ा संवेदनशील डेटा लीक होने का दावा किया गया है। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने पारंपरिक हैकिंग तकनीकों के बजाय AI सिस्टम की कमजोरियों का फायदा उठाया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, साइबर अपराधियों ने Meta के AI चैटबॉट को विशेष प्रकार के निर्देश देकर भ्रमित किया, जिसके चलते सिस्टम ने सुरक्षा नियमों का सही ढंग से पालन नहीं किया और संवेदनशील जानकारी तक पहुंच संभव हो गई। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ इस तकनीक को “Prompt Injection” या “AI Manipulation” के नाम से जानते हैं।
क्या है Prompt Injection?
Prompt Injection एक ऐसी तकनीक है जिसमें हैकर किसी AI मॉडल को विशेष कमांड या निर्देश देकर उसकी मूल सुरक्षा सीमाओं को प्रभावित करने की कोशिश करता है। इसमें सिस्टम के कोड को सीधे तोड़ने के बजाय AI के निर्णय लेने के तरीके का दुरुपयोग किया जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जैसे-जैसे AI आधारित सिस्टम विभिन्न डिजिटल सेवाओं में शामिल हो रहे हैं, वैसे-वैसे इस प्रकार के हमलों का खतरा भी बढ़ सकता है।
हाई-प्रोफाइल अकाउंट्स भी निशाने पर
रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि इस कथित डेटा लीक से कई हाई-प्रोफाइल अकाउंट्स, जिनमें प्रभावशाली सोशल मीडिया हस्तियां और कंटेंट क्रिएटर्स शामिल हैं, प्रभावित हुए हैं। कुछ रिपोर्टों में चोरी किए गए डेटा के डार्क वेब पर उपलब्ध होने की भी बात कही गई है, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
Meta और Instagram की प्रतिक्रिया
घटना के सामने आने के बाद Meta ने प्रभावित उपयोगकर्ताओं को सुरक्षा संबंधी अलर्ट भेजने शुरू किए हैं। कंपनी ने सभी यूजर्स को अपना पासवर्ड अपडेट करने, Two-Factor Authentication (2FA) सक्रिय करने तथा संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने की सलाह दी है।
Meta का कहना है कि संबंधित तकनीकी खामी को दूर कर दिया गया है और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा रहा है।
AI सुरक्षा पर नई बहस
यह मामला AI आधारित प्रणालियों की सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में AI सिस्टम केवल साइबर सुरक्षा का साधन ही नहीं, बल्कि साइबर हमलों का संभावित लक्ष्य भी बन सकते हैं। ऐसे में कंपनियों को AI सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सुरक्षा परतें विकसित करनी होंगी ताकि उपयोगकर्ताओं की गोपनीयता और डेटा सुरक्षित रह सके।