29 दिसंबर(जगदीश कुमार )
हरियाणा के श्रम मंत्री अनिल विज के विभाग में बड़े घोटाले का मामला सामने आया है। शुरुआती जांच में इस घोटाले की राशि करीब 1500 करोड़ रुपये तक आंकी जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए श्रम मंत्री अनिल विज ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पत्र लिखकर पूरे प्रकरण की किसी सक्षम और स्वतंत्र जांच एजेंसी से जांच कराने की सिफारिश की है।अनिल विज ने बताया कि हाल ही में उन्होंने श्रम बोर्ड की एक अहम बैठक की थी। इस दौरान बोर्ड सदस्यों की नियुक्तियों में गड़बड़ी सामने आई, वहीं निर्माण श्रमिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ देने में भी गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। इसके बाद तुरंत जांच के आदेश दिए गए, जिसमें खुलासा हुआ कि यह गड़बड़ी छह जिलों तक फैली हुई है।वर्क स्लिप की व्यापक जांच शुरू
शुरुआती तौर पर हिसार, कैथल, जींद, सिरसा, फरीदाबाद और भिवानी जिलों में जांच की गई, जहां बड़े पैमाने पर अनियमितताएं पाई गईं। इसके बाद राज्य के सभी जिलों के उपायुक्तों (DC) को जिला स्तर पर समितियां गठित करने के निर्देश दिए गए। इन समितियों में श्रम विभाग के अधिकारी सहित तीन अन्य विभागों के अधिकारी शामिल किए गए हैं।
ये समितियां अगस्त 2023 से मार्च 2025 के बीच जारी की गई ऑनलाइन वर्क स्लिप (काम का प्रमाण) की जांच कर रही हैं। यह प्रक्रिया करीब चार महीने पहले शुरू हुई थी, और अब तक 13 जिलों में 100 प्रतिशत जांच पूरी हो चुकी है।5.46 लाख वर्क स्लिप अवैध पाई गईं मंत्री अनिल विज के अनुसार, इन 13 जिलों में कुल 5,99,758 वर्क स्लिप जारी की गई थीं। जांच में सिर्फ 53,249 वर्क स्लिप ही सही पाई गईं, जबकि 5,46,509 वर्क स्लिप अवैध निकलीं। इसी तरह, कुल 2,21,517 मजदूरों के नाम दर्ज थे, लेकिन जांच के बाद केवल 14,240 मजदूर ही वास्तविक पाए गए, जबकि 1,93,756 मजदूरों के नाम फर्जी निकले। पूरे गांवों का फर्जी रजिस्ट्रेशन
अनिल विज ने कहा कि कई जगहों पर पूरे के पूरे गांवों लोगों ने फर्जी तरीके से पंजीकरण कराकर वर्क स्लिप बनवाईं, ताकि सरकारी योजनाओं का अनुचित लाभ लिया जा सके। एक मजदूर को अलग-अलग योजनाओं से करीब 2.5 लाख रुपये तक का लाभ मिलता है, जिससे सरकार को सैकड़ों करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। मंत्री ने इसे सीधी-सीधी लूट करार दिया।नए आवेदनों पर रोक
जांच के दौरान सेवा का अधिकार (RTS) की समय-सीमा को अस्थायी रूप से रोका गया है। सरल केंद्रों को नए आवेदन स्वीकार न करने के निर्देश दिए गए हैं, और सभी शिकायत निवारण प्लेटफॉर्म को आवश्यक जानकारी दे दी गई है। हालांकि, पहले से स्वीकृत पेंशन योजनाओं को नहीं रोका गया है। वहीं, मृत्यु, दुर्घटना और अंतिम संस्कार सहायता जैसी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर दिया जा रहा है।सरकार का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और सरकारी धन के दुरुपयोग की भरपाई भी सुनिश्चित की जाएगी।

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