दैनिक खबरनामा (नई दिल्ली) 10 जून, 2026: विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र में भारत ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। भारतीय मूल के वैज्ञानिक Gautam Dey को यूरोप के प्रतिष्ठित EMBO गोल्ड मेडल 2026 से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें जीवन विज्ञान (लाइफ साइंसेज) के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट और नवोन्मेषी शोध कार्यों के लिए प्रदान किया गया है। वर्तमान में वे European Molecular Biology Laboratory, जर्मनी में कार्यरत हैं।
इस वर्ष यह सम्मान संयुक्त रूप से Omaya Dudin को भी दिया गया है, जो बहुकोशिकीय जीवन (Multicellularity) की उत्पत्ति पर अपने महत्वपूर्ण शोध के लिए चर्चित हैं। EMBO गोल्ड मेडल यूरोप में लाइफ साइंसेज के क्षेत्र का सबसे प्रतिष्ठित प्रारंभिक-करियर सम्मान माना जाता है, जिसे हर वर्ष उत्कृष्ट युवा वैज्ञानिकों को प्रदान किया जाता है।
किस शोध के लिए मिला सम्मान?
European Molecular Biology Organization के अनुसार, गौतम डे को कोशिका विभाजन (Cell Division) और न्यूक्लियर ऑर्गनाइजेशन के विकासवादी मूल पर किए गए उनके महत्वपूर्ण शोध के लिए सम्मानित किया गया है। उनका कार्य यह समझने में मदद करता है कि जीवन की जटिल कोशिकीय संरचनाएं समय के साथ कैसे विकसित हुईं।
दिल्ली यूनिवर्सिटी से शुरू हुआ वैज्ञानिक सफर
गौतम डे ने University of Delhi से बायोकेमिस्ट्री में शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने National Centre for Biological Sciences से रिसर्च मास्टर्स किया और आगे की पढ़ाई के लिए अमेरिका की Stanford University का रुख किया। बाद में उन्होंने University College London में यूकेरियोजेनेसिस पर शोध किया, जो सरल जीवों से जटिल कोशिकाओं के विकास की प्रक्रिया को समझने से जुड़ा है।
लगातार दूसरे वर्ष भारतीय वैज्ञानिक को मिला सम्मान
भारत के लिए गर्व की बात यह है कि लगातार दूसरे वर्ष किसी भारतीय मूल के वैज्ञानिक को यह प्रतिष्ठित सम्मान मिला है। वर्ष 2025 में यह पुरस्कार Tanmay A.M. Bharat को प्रदान किया गया था। इससे भारतीय वैज्ञानिकों की बढ़ती वैश्विक पहचान और शोध क्षमता का प्रमाण मिलता है।
पुरस्कार प्राप्त करने के बाद गौतम डे ने कहा कि विज्ञान केवल खोज का माध्यम नहीं, बल्कि मानवता की सामूहिक जिज्ञासा और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने भविष्य में आधुनिक आणविक जीव विज्ञान और पारंपरिक प्राकृतिक अवलोकन विधियों को जोड़कर जीवन की उत्पत्ति और विकास को और गहराई से समझने की दिशा में काम जारी रखने की बात कही।
यह उपलब्धि न केवल गौतम डे के लिए, बल्कि भारत के वैज्ञानिक समुदाय और युवा शोधकर्ताओं के लिए भी प्रेरणा