दैनिक खबरनामा। नाहन/राजगढ़, 10 जून: जिला सिरमौर के पच्छाद विधानसभा क्षेत्र स्थित राजगढ़ नगर पंचायत में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव के दौरान बुधवार को अप्रत्याशित राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला। सात वार्डों वाली नगर पंचायत में पांच पार्षदों के स्पष्ट बहुमत के बावजूद कांग्रेस उपाध्यक्ष पद पर अपना उम्मीदवार तक खड़ा नहीं कर पाई, जबकि केवल दो पार्षदों वाली भाजपा ने उपाध्यक्ष पद हासिल कर राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी।
नगर पंचायत के अध्यक्ष पद पर कांग्रेस समर्थित विक्रम जैलदार तथा उपाध्यक्ष पद पर भाजपा समर्थित नरेंद्र ठाकुर निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए किसी भी अन्य पार्षद ने एसडीएम एवं रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष नामांकन दाखिल नहीं किया, जिसके चलते दोनों पदों पर निर्विरोध निर्वाचन हुआ।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, उपाध्यक्ष पद को लेकर भाजपा ने ऐसी रणनीति अपनाई कि बहुमत में होने के बावजूद कांग्रेस चारों खाने चित हो गई। पांच पार्षदों के समर्थन के बावजूद कांग्रेस उपाध्यक्ष पद पर अपना दावा मजबूत नहीं कर सकी, जबकि भाजपा ने मात्र दो पार्षदों के बल पर यह पद अपने नाम कर लिया।
चुनाव की एक और खास बात यह रही कि निर्वाचित सदस्यों ने दलगत सीमाओं से ऊपर उठकर अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चयन किया। वहीं कांग्रेस की स्थिति ऐसी रही कि उपाध्यक्ष पद के लिए पार्टी के पक्ष में नाम प्रस्तावित करने वाला भी कोई सदस्य सामने नहीं आया।
गौरतलब है कि दो दिन पहले हुई कांग्रेस की आंतरिक बैठक में विक्रम जैलदार को अध्यक्ष और पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष ज्योति साहनी को उपाध्यक्ष पद का उम्मीदवार बनाने का निर्णय लिया गया था। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार और पच्छाद कांग्रेस मंडल अध्यक्ष सुनील शर्मा ने भी ज्योति साहनी के समर्थन में प्रयास किए, लेकिन पार्टी के निर्वाचित पार्षदों का अपेक्षित सहयोग नहीं मिल सका। परिणामस्वरूप कांग्रेस उपाध्यक्ष पद पर अपना प्रत्याशी उतारने में भी असफल रही।
राजनीतिक गलियारों में इस घटनाक्रम को चुनाव के दौरान हुए भीतरघात और कांग्रेस के अंदरूनी असंतोष से जोड़कर देखा जा रहा है। अध्यक्ष पद इस बार अनारक्षित था और नगर पंचायत गठन के बाद से ही विक्रम जैलदार को कांग्रेस का प्रमुख दावेदार माना जा रहा था। हालांकि, चुनाव के दौरान पार्टी के भीतर से ही उनके खिलाफ विरोध के स्वर उभरे और दीपक धीर को मैदान में उतारा गया। इसके बावजूद विक्रम जैलदार चुनाव जीतने में सफल रहे।
विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस के भीतर मौजूद मतभेदों का असर उपाध्यक्ष पद के चुनाव में साफ दिखाई दिया। यही कारण रहा कि बहुमत में होने के बावजूद पार्टी यह पद गंवा बैठी। नगर पंचायत चुनावों में शुरू से सक्रिय भूमिका निभा रहे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार के लिए भी यह परिणाम निराशाजनक माना जा रहा है।
निर्वाचन के बाद नवनिर्वाचित अध्यक्ष विक्रम जैलदार ने मतदाताओं और समर्थकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नगर पंचायत के सभी वार्डों का समान रूप से विकास किया जाएगा। वहीं उपाध्यक्ष नरेंद्र ठाकुर ने शहर की समस्याओं के चरणबद्ध समाधान और विकास कार्यों को गति देने का भरोसा दिलाया।
ताजपोशी के बाद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और अन्य पार्षदों ने शिरगुल महाराज मंदिर में माथा टेककर क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। इसके बाद निकाले गए विजय जुलूस में पच्छाद विधायक रीना कश्यप भी शामिल हुईं। उन्होंने नरेंद्र ठाकुर को बधाई देते हुए नगर पंचायत क्षेत्र में विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद जताई।
इस अवसर पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष आनंद परमार ने कहा कि अध्यक्ष पद पर कांग्रेस समर्थित विक्रम जैलदार की जीत पार्टी के लिए महत्वपूर्ण है और उनसे राजगढ़ के समग्र विकास की अपेक्षा की जाती है।