दैनिक खबरनामा। चंडीगढ़ 11 जून: प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक में चंडीगढ़ को समावेशी विकास, सुशासन और सतत प्रगति के आदर्श मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया। नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने की। इस दौरान मुख्य सचिव राजेश प्रसाद भी उपस्थित रहे।
“विकसित भारत 2047 के लिए समावेशी मानव विकास” विषय पर आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में देश के 28 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री, उपराज्यपाल और प्रशासक शामिल हुए। बैठक में मानव विकास को गति देने, केंद्र-राज्य समन्वय को मजबूत बनाने और सहयोगात्मक संघवाद को बढ़ावा देने पर व्यापक चर्चा हुई।
बैठक को संबोधित करते हुए प्रशासक कटारिया ने शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, शहरी प्रशासन और सतत विकास के क्षेत्रों में चंडीगढ़ की उल्लेखनीय उपलब्धियों को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि 99.93 प्रतिशत साक्षरता दर के साथ चंडीगढ़ को पूर्ण साक्षर केंद्र शासित प्रदेश घोषित किया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्रालय के परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI) 2.0 में चंडीगढ़ को लगातार दूसरे वर्ष सर्वोच्च ‘प्रचेष्टा-1’ ग्रेड प्राप्त हुआ है। साथ ही, ‘प्रोजेक्ट उड़ान’ और ‘शिखर-26’ जैसी पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को जेईई और नीट की निःशुल्क कोचिंग उपलब्ध कराई जा रही है। सरकारी स्कूलों में कौशल आधारित शिक्षा के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और साइबर सुरक्षा जैसे आधुनिक विषयों को भी पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में ‘प्रोजेक्ट सारथी’ की सफलता का उल्लेख करते हुए कटारिया ने बताया कि 2,671 से अधिक एनएसएस स्वयंसेवक सरकारी अस्पतालों में मरीजों और उनके परिजनों की सहायता कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन पहलों ने स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ और मानवीय बनाया है।
प्रशासक ने यह भी बताया कि चंडीगढ़ देश का पहला आधिकारिक स्लम-फ्री शहर बन चुका है, जो समावेशी शहरी विकास और बेहतर जीवन स्तर सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ का यह विकास मॉडल विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए प्रेरणास्रोत बन सकता है।