दैनिक खबरनामा। मोहाली, 11 जून: पंजाब में आतंक और अस्थिरता फैलाने की कथित साजिश से जुड़े खालिस्तान टाइगर फोर्स (KTF) के आतंकवादी अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श डल्ला के खिलाफ मोहाली स्थित राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की विशेष अदालत ने ओपन-डेटेड गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी करने के आदेश दिए हैं।
यह आदेश एनआईए द्वारा दायर आवेदन पर सुनवाई के बाद पारित किया गया। अदालत ने माना कि मामले की परिस्थितियों को देखते हुए आरोपित के स्वेच्छा से अदालत में पेश होने की संभावना नहीं है। साथ ही, समन या जमानती वारंट के जरिए उसकी उपस्थिति सुनिश्चित नहीं की जा सकती। इसी आधार पर अदालत ने उसके खिलाफ ओपन-डेटेड गैर-जमानती वारंट जारी करने के निर्देश दिए।
एनआईए ने अदालत को बताया कि अर्श डल्ला के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत आरोपपत्र पहले ही दाखिल किया जा चुका है और उसके पक्ष में कोई जमानत याचिका लंबित नहीं है।
जांच एजेंसी के अनुसार यह मामला फरवरी 2024 में पुनः दर्ज किए गए उस केस से जुड़ा है, जिसमें KTF के सदस्यों और उनके सहयोगियों पर हथियार एवं नशीले पदार्थों की तस्करी, रंगदारी के जरिए धन जुटाने, लक्षित हत्याओं की साजिश रचने और पंजाब में भय व आतंक का माहौल बनाने के आरोप हैं।
एनआईए की जांच में अर्श डल्ला की भूमिका संगठन के प्रमुख साजिशकर्ता और भर्तीकर्ता के रूप में सामने आई है। एजेंसी का दावा है कि उसने अपने सहयोगियों के माध्यम से युवाओं की भर्ती कर संगठन के नेटवर्क को मजबूत किया।
जांच में यह भी सामने आया है कि पंजाब के कारोबारियों से व्हाट्सएप कॉल और वॉयस नोट्स के माध्यम से रंगदारी मांगी जाती थी। कथित तौर पर इस धन का उपयोग प्रतिबंधित संगठन की गतिविधियों को बढ़ावा देने और उसके नेटवर्क को विस्तार देने में किया जाता था।
एनआईए ने अदालत को बताया कि अर्श डल्ला के खिलाफ 6 जून 2024 को गैर-जमानती वारंट जारी किए गए थे। इसके बाद 7 नवंबर 2024 को विशेष एनआईए अदालत ने उसे भगोड़ा अपराधी (Proclaimed Offender) घोषित कर दिया था। एजेंसी के अनुसार वह वर्तमान में भारत से बाहर रह रहा है।
रिकॉर्ड पर उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों पर विचार करने के बाद अदालत ने अर्श डल्ला के खिलाफ ओपन-डेटेड गैर-जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया और आदेश की प्रति एनआईए को भेजने के निर्देश भी दिए।