दैनिक खबरनामा।चंडीगढ़, 12 जून 2026 : पंजाब सरकार ने ट्राइसिटी के आसपास स्थित नगर परिषद क्षेत्रों में शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर विकास अभियान शुरू किया है। स्थानीय निकाय मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने शुक्रवार को नगर भवन में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के दौरान खरड़, जीरकपुर, डेराबस्सी, नयागांव, बनूड़, कुराली और घरुआं में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया और सभी परियोजनाओं की साप्ताहिक समीक्षा के निर्देश दिए।
बैठक के बाद मंत्री ने बताया कि इन सात शहरी क्षेत्रों में 250 किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण कार्य जारी है। इसके साथ ही प्रमुख सड़क मार्गों का सौंदर्यीकरण भी किया जाएगा, ताकि नागरिकों को बेहतर यातायात सुविधाएं और आकर्षक शहरी वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि आधुनिक और टिकाऊ शहरी ढांचे का विकास करना है।
पेयजल आपूर्ति को मजबूत करने के लिए विभिन्न नगर परिषदों में 50 नए ट्यूबवेल स्थापित किए जाएंगे। इनमें खरड़ में 15, जीरकपुर और नयागांव में 10-10, डेराबस्सी में 5, लालरू में 4, बनूड़ में 3 तथा कुराली में एक ट्यूबवेल लगाया जाएगा। इसके अलावा सीवरेज व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए बड़े स्तर पर सीवरों की सफाई और डी-सिल्टिंग का कार्य भी तेज गति से चल रहा है।
हरजोत सिंह बैंस ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुविधा और यातायात सुधार से जुड़े महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं पर अगले 15 दिनों के भीतर कार्य शुरू किया जाए। इनमें बनूड़ का हॉस्पिटल-टेपला रोड, कुराली की रेलवे रोड, मेन बाजार रोड और बदाली रोड, जीरकपुर की अंबाला-चंडीगढ़ रोड से सिंहपुरा मार्ग तथा हाई ग्राउंड रोड, खरड़ की हॉस्पिटल रोड और गोपाल स्वीट्स के निकट मेन एयरपोर्ट रोड, डेराबस्सी का हैबतपुर रोड, नयागांव की क्रोरां रोड और नाडा रोड तथा लालरू में बनूड़-जालालपुर रोड और आईटीआई से कौलिमाजरा रोड शामिल हैं।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार प्रत्येक सड़क, प्रत्येक ट्यूबवेल और निर्धारित समयसीमा की लगातार निगरानी कर रही है। परियोजनाओं में लापरवाही या विलंब के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार अस्थायी समाधानों के बजाय दीर्घकालिक और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकास कार्य कर रही है। पंजाब में अब पैचवर्क की राजनीति का दौर समाप्त हो चुका है और सरकार पारदर्शी, समयबद्ध तथा परिणामोन्मुखी प्रशासन के जरिए आधुनिक पंजाब के निर्माण की दिशा में कार्य कर रही है।