दैनिक खबरनामा। चंडीगढ़, 13 जून: नगर निगम की लंबे समय से हाउस मीटिंग नहीं बुलाए जाने को लेकर विपक्ष ने मेयर सौरभ जोशी पर तीखा हमला बोला है। विपक्षी पार्षदों का आरोप है कि सदन की बैठक न होने से शहर के विकास कार्यों और जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव लंबित पड़े हैं, जिससे प्रशासनिक कामकाज प्रभावित हो रहा है।
पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर एवं वार्ड-24 के पार्षद जसबीर सिंह बंटी ने कहा कि अप्रैल 2026 के बाद से नगर निगम की हाउस मीटिंग आयोजित नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि सदन की बैठक लोकतांत्रिक व्यवस्था का अहम हिस्सा होती है, जहां शहर के विकास, परियोजनाओं और नागरिक सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा कर निर्णय लिए जाते हैं। बैठक न होने के कारण कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं।
बंटी ने मेयर सौरभ जोशी के उस कथित बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि चंडीगढ़ में मेयर से ज्यादा शक्तिशाली उसका चपरासी है। इस पर सवाल उठाते हुए बंटी ने कहा कि यदि मेयर स्वयं को शक्तिहीन मानते हैं तो उन्हें जनता के सामने स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और बताना चाहिए कि आखिर नगर निगम की कार्यप्रणाली में बाधा कहां है।
उन्होंने कहा कि सांसद मनीष तिवारी भी इस बयान पर सवाल उठा चुके हैं। बंटी के अनुसार नगर निगम के पास विकास कार्यों के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध है, लेकिन इसके बावजूद परियोजनाओं का लंबित रहना चिंता का विषय है।
विपक्षी पार्षद ने चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया से हस्तक्षेप कर जल्द से जल्द हाउस मीटिंग बुलाने की मांग की। उनका कहना है कि सदन की बैठक नियमित रूप से नहीं होने से विकास कार्यों की रफ्तार प्रभावित हो रही है और जनहित के मुद्दों पर चर्चा का लोकतांत्रिक मंच भी बाधित हो रहा है।
वहीं, हाउस मीटिंग को लेकर विपक्ष लगातार मेयर और सत्तापक्ष को घेर रहा है। विपक्ष का आरोप है कि बैठक में देरी से शहर के कई महत्वपूर्ण फैसले अटके हुए हैं, जिसका सीधा असर विकास कार्यों और नागरिक सुविधाओं पर पड़ रहा है।