दैनिक खबरनामा। हमीरपुर, 14 जून : हिमाचल प्रदेश में ईंधन बिक्री से जुड़े नए नियम लागू होने के बाद 26 पेट्रोल पंपों पर अस्थायी कार्रवाई की गई है। निर्धारित सीमा से अधिक डीजल की बिक्री पाए जाने पर तेल कंपनियों ने इन पेट्रोल पंपों की बिक्री प्रणाली को लॉक कर दिया, जिससे पेट्रोल और डीजल की बिक्री फिलहाल बंद हो गई है। प्रभावित पेट्रोल पंप प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्थित हैं।
200 लीटर से अधिक डीजल देने पर हुई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार तेल कंपनियों ने दोपहर करीब एक बजे डीलरों को डिजिटल माध्यम से नए निर्देश जारी किए थे। इनमें स्पष्ट किया गया था कि रिटेल आउटलेट्स पर थोक स्तर पर ईंधन की बिक्री नहीं होगी और किसी भी वाहन को अधिकतम 200 लीटर डीजल ही दिया जा सकेगा। हालांकि कई स्थानों पर सूचना देर से मिलने के कारण पुरानी व्यवस्था के तहत 300 लीटर तक डीजल की बिक्री जारी रही, जिसे नए नियमों का उल्लंघन माना गया।
ऑनलाइन मॉनिटरिंग में सामने आया मामला
निर्देश जारी होने के बाद तेल कंपनियों ने बिक्री की ऑनलाइन निगरानी शुरू की। इस दौरान कई पेट्रोल पंपों पर 200 लीटर से अधिक डीजल बिक्री दर्ज पाई गई। इसके बाद संबंधित आउटलेट्स की बिक्री प्रणाली को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। तकनीकी रूप से सिस्टम लॉक होने के कारण इन पेट्रोल पंपों पर ईंधन की आपूर्ति और बिक्री दोनों प्रभावित हुईं। शुक्रवार शाम से शुरू हुई यह कार्रवाई शनिवार तक जारी रही।
90 दिनों के लिए लागू किए गए नए नियम
नई व्यवस्था के तहत प्रति वाहन अधिकतम 200 लीटर डीजल और 70 लीटर पेट्रोल देने की सीमा तय की गई है। यह नियम फिलहाल 90 दिनों के लिए लागू किया गया है। इसके बाद सरकार और तेल कंपनियां स्थिति की समीक्षा कर आगे का निर्णय लेंगी।
पेट्रोल पंप संचालकों ने दी सफाई
पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि उन्हें नए निर्देश डिजिटल माध्यम से प्राप्त हुए थे, लेकिन कई स्थानों पर संदेश समय पर नहीं देखा जा सका। इसी कारण कुछ समय तक पुरानी सीमा के अनुसार ईंधन की बिक्री जारी रही। उनका दावा है कि जानकारी मिलते ही नए नियमों का पालन शुरू कर दिया गया था।
डीलरों ने भेजा स्पष्टीकरण
एचपी पेट्रोलियम डीलर यूनियन के अध्यक्ष प्रदीप भारद्वाज ने बताया कि पुराने और नए निर्देशों के बीच अचानक बदलाव होने से कई स्थानों पर भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई। जब तक सभी डीलर संशोधित नियमों के अनुरूप बिक्री शुरू करते, तब तक कुछ पेट्रोल पंपों पर कार्रवाई हो चुकी थी। उन्होंने कहा कि प्रभावित डीलरों ने तेल कंपनियों को अपना स्पष्टीकरण भेजना शुरू कर दिया है और उम्मीद है कि जवाबों की समीक्षा के बाद जल्द ही इन पेट्रोल पंपों को दोबारा ईंधन बिक्री की अनुमति मिल जाएगी।
फिलहाल, तेल कंपनियों की इस कार्रवाई से प्रदेश के पेट्रोलियम डीलरों में चिंता और हलचल का माहौल है, जबकि प्रभावित पेट्रोल पंपों के नियमित संचालन की बहाली पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।