दैनिक खबरनामा। चंडीगढ़, 14 जून : सेक्टर-26 स्थित श्री गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज, चंडीगढ़ ने पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूकता, वन संवर्धन और जैविक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कॉलेज ने अपने परिसर में स्थापित ‘गुरु नानक पवित्र वन’ पहल को सशक्त बनाने के लिए नॉर्दर्न फार्मर्स प्रोडक्ट कंपनी लिमिटेड, अंबाला सिटी (हरियाणा) के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
एमओयू पर कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जसविंदर सिंह तथा नॉर्दर्न फार्मर्स प्रोडक्ट कंपनी लिमिटेड के निदेशक पुनीत सिंह थिंद ने औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर कंपनी के सदस्य गुरजिंदर सिंह सहित दोनों संस्थानों के अन्य प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
कॉलेज का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक ज्ञान तक सीमित न रखते हुए उन्हें पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक विकास से भी जोड़ना है। इस साझेदारी के तहत पारिस्थितिक पुनर्स्थापन, जैव विविधता संरक्षण, वनीकरण, सतत कृषि और जलवायु अनुकूलन क्षमता जैसे क्षेत्रों में संयुक्त रूप से विभिन्न परियोजनाएं संचालित की जाएंगी।
इसके अलावा विद्यार्थियों को शोध परियोजनाओं, फील्ड-आधारित शिक्षण, इंटर्नशिप, कौशल विकास कार्यक्रमों और टिकाऊ कृषि पद्धतियों से जुड़े व्यावहारिक प्रशिक्षण के अवसर भी उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे उन्हें पर्यावरणीय चुनौतियों को समझने और उनके समाधान में सक्रिय भूमिका निभाने का अनुभव मिलेगा।
कॉलेज और उद्योग जगत के बीच इस साझेदारी का समन्वय डॉ. दीपाक्षी गुप्ता, समन्वयक, गुरु नानक पवित्र वन पहल, तथा सदस्य लवनीत कौर द्वारा किया गया। यह सहयोग पर्यावरणीय जागरूकता और सतत विकास को बढ़ावा देने के साथ-साथ समाजहित में नवाचार आधारित हरित पहलों को भी मजबूती प्रदान करेगा।
कॉलेज प्रशासन का मानना है कि यह पहल ‘गुरु नानक पवित्र वन’ को संरक्षण, स्थिरता और पर्यावरणीय जिम्मेदारी का एक आदर्श मॉडल बनाने में सहायक सिद्ध होगी। साथ ही यह युवा पीढ़ी को हरित और स्वस्थ भविष्य के निर्माण के लिए प्रेरित करेगी।