दैनिक खबरनामा। जम्मू, 14 जून : उत्तर कश्मीर की प्रभावशाली राजनीतिक नेता और बारामुला जिला विकास परिषद (डीडीसी) की पूर्व अध्यक्ष सफीना बेग के जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) में शामिल होने की संभावनाओं ने प्रदेश की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक, पिछले कुछ सप्ताहों से सफीना बेग और नेशनल कॉन्फ्रेंस नेतृत्व के बीच लगातार संपर्क और बातचीत जारी है, जो अब निर्णायक चरण में पहुंचती दिखाई दे रही है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि सफीना बेग ने पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की है और आने वाले दिनों में उनके औपचारिक रूप से नेशनल कॉन्फ्रेंस का दामन थामने की संभावना है। हालांकि, इस संबंध में उन्होंने अभी तक कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की है। उनका कहना है कि इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय जल्द लिया जाएगा।
पेशे से अधिवक्ता सफीना बेग जम्मू-कश्मीर हज कमेटी की पूर्व अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। उत्तर कश्मीर, विशेषकर बारामुला जिले में उनकी मजबूत राजनीतिक और सामाजिक पकड़ मानी जाती है। उन्होंने जिला विकास परिषद चुनाव निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीतकर अपनी अलग राजनीतिक पहचान बनाई थी और बाद में डीडीसी बारामुला की अध्यक्ष भी बनीं।
वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने वागूरा-क्रीरी विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़कर अपनी राजनीतिक सक्रियता और जनाधार का प्रदर्शन किया था। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि सफीना बेग नेशनल कॉन्फ्रेंस में शामिल होती हैं, तो इससे पार्टी को उत्तर कश्मीर में उल्लेखनीय राजनीतिक मजबूती मिल सकती है।
सफीना बेग की संभावित राजनीतिक पारी को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि वे जम्मू-कश्मीर के वरिष्ठ राजनेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री की पत्नी हैं। मुजफ्फर बेग लंबे समय से प्रदेश की राजनीति के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे हैं और कई महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रमों में उनकी अहम भूमिका रही है।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि सफीना बेग का नेशनल कॉन्फ्रेंस में शामिल होना केवल एक व्यक्तिगत राजनीतिक फैसला नहीं होगा, बल्कि उत्तर कश्मीर की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है। फिलहाल सभी की निगाहें उनके अंतिम निर्णय और नेशनल कॉन्फ्रेंस की आगामी रणनीति पर टिकी हुई हैं।