दैनिक खबरनामा । शिमला, 17 जून : हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य के सरकारी स्कूलों में CBSE अंग्रेजी शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को लेकर बड़ा फैसला सुनाते हुए नियुक्ति पत्र जारी करने पर लगी रोक हटा दी है। न्यायमूर्ति अजय मोहन गोयल की एकल पीठ ने मामले का निपटारा करते हुए निर्देश दिया कि विज्ञापन में निर्धारित पात्रता शर्तों के आधार पर चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी किए जाएं।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि भर्ती विज्ञापन जारी होने के बाद पात्रता संबंधी कोई नया स्पष्टीकरण लागू नहीं किया जा सकता। ऐसे में विज्ञापन के बाद जारी स्पष्टीकरण के आधार पर पात्र घोषित किए गए अभ्यर्थियों को प्रक्रिया से बाहर किया जाएगा, जबकि मूल विज्ञापन की शर्तों के अनुसार योग्य पाए गए उम्मीदवारों को नियुक्ति दी जाएगी।
दरअसल, CBSE इंग्लिश टीचरों की भर्ती के लिए 29 जनवरी 2026 को जारी विज्ञापन के क्लॉज-5 में आवश्यक शैक्षणिक योग्यता और पात्रता मानदंड निर्धारित किए गए थे। याचिकाकर्ताओं का आरोप था कि बाद में जारी स्पष्टीकरण के आधार पर मेरिट सूची तैयार की गई, जिससे भर्ती नियमों में बदलाव जैसा प्रभाव पड़ा। इसी को चुनौती देते हुए मामला हाईकोर्ट पहुंचा था।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने भी यह माना कि विज्ञापन जारी होने के बाद पात्रता संबंधी नया स्पष्टीकरण लागू करना उचित नहीं था। सरकार ने अदालत को आश्वस्त किया कि मूल विज्ञापन के अनुरूप पात्र अभ्यर्थियों को ही नियुक्ति दी जाएगी।
गौरतलब है कि 15 जून को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग के अधिवक्ता को स्थिति स्पष्ट करने के लिए समय दिया था। उस समय आयोग ने बताया था कि चयनित उम्मीदवारों का अंतिम परिणाम घोषित किया जा चुका है। साथ ही अदालत ने आगे के विवादों और मुकदमों से बचने के लिए नियुक्ति प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगा दी थी।
अब मामले का अंतिम निपटारा करते हुए हाईकोर्ट ने रोक हटाने के साथ पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी करने का रास्ता साफ कर दिया है। इससे लंबे समय से नियुक्ति का इंतजार कर रहे सफल उम्मीदवारों को बड़ी राहत मिली है।