दैनिक खबरनामा । धर्मशाला, 18 जून : हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने वीरवार को धर्मशाला के दाड़ी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जिला कांगड़ा के नवनिर्वाचित पंचायत प्रधानों और उपप्रधानों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पंचायतों को मजबूत बनाने और गांवों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है तथा पंचायतों को विकास कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने पंचायत चुनावों को लेकर उठे विवादों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कुछ लोग चुनाव तीन माह टालने को लेकर अनावश्यक बयानबाजी कर रहे थे। विद्यार्थियों की परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने 31 मई से पहले चुनाव संपन्न कराने का निर्णय लिया था।
उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों का मानदेय समय-समय पर बढ़ाया गया है और भविष्य में भी उनकी समस्याओं एवं सुझावों पर चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री ने प्रधानों और उपप्रधानों से नशा उन्मूलन अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रदेश को चिट्टा मुक्त बनाने की लड़ाई में पंचायत प्रतिनिधियों का सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है।
सुक्खू ने कहा कि कांगड़ा को प्रदेश की पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित करने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में गगल हवाई अड्डे के विस्तार का कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है। इसके लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण किया गया है और प्रभावित लोगों को उचित मुआवजा भी प्रदान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित परिवारों को घर निर्माण के लिए 7 से 8 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि देश के अन्य राज्यों में इतनी सहायता राशि नहीं दी जाती। सरकार प्रभावित लोगों के हितों की रक्षा के लिए उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय में भी मजबूती से अपना पक्ष रख रही है।
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आरडीजी जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं को बंद कर दिया गया। उन्होंने कहा कि यदि यह योजना बंद नहीं की जाती तो हिमाचल प्रदेश आज आत्मनिर्भरता की दिशा में कहीं अधिक आगे बढ़ चुका होता। उन्होंने युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया।