ड्रोन के जरिए पहुंच रहे थे हथियार, अपराधियों तक सप्लाई से पहले पुलिस ने तोड़ा नेटवर्क
दैनिक खबरनामा| चंडीगढ़/अमृतसर,18 जून 2026. पंजाब में अपराध और सीमा पार से होने वाली अवैध गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 11 आधुनिक पिस्तौल, आठ जिंदा कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की है।
पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी विदेशी हैंडलरों के संपर्क में थे और उनके माध्यम से पाकिस्तान सीमा के नजदीकी इलाकों में ड्रोन के जरिए भेजे गए हथियारों की खेप हासिल कर रहे थे। इन हथियारों को आगे अपराधी तत्वों तक पहुंचाया जाना था, जिनका इस्तेमाल रंगदारी, हिंसक वारदातों और अन्य गैर-कानूनी गतिविधियों में किया जाना था।
अटारी से शुरू हुई कार्रवाई, एक-एक कर पूरा नेटवर्क आया पकड़ में
पुलिस आयुक्त अमृतसर गुरप्रीत सिंह भुल्लर के अनुसार गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में सबसे पहले गुलाबजीत सिंह उर्फ प्रिंस और हरप्रीत सिंह उर्फ प्रीत को दो पिस्तौलों सहित गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान मिले सुरागों के आधार पर गुरदासपुर निवासी गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी को चार पिस्तौलों के साथ दबोचा गया।
इसके बाद पुलिस ने उसके दो साथियों कुलजीत सिंह और शमशेर सिंह उर्फ शेरा को दो पिस्तौलों सहित गिरफ्तार कर लिया। आगे की जांच में अमन राणा उर्फ चीनी और शरणजीत सिंह उर्फ सन्नी को दो हथियारों के साथ पकड़ा गया, जबकि उनकी निशानदेही पर अजय सिंह को एक पिस्तौल सहित काबू किया गया।
ड्रोन से पहुंचती थी खेप, सोशल मीडिया के जरिए होता था संपर्क
जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी सोशल मीडिया एप्लिकेशनों के माध्यम से विदेश में बैठे गैंगस्टरों के संपर्क में थे। विदेशी हैंडलर अटारी सेक्टर के विभिन्न स्थानों पर ड्रोन के जरिए हथियारों की खेप गिरवाते थे, जिन्हें आरोपी एकत्र कर आगे सप्लाई करते थे।
विदेशी और अत्याधुनिक हथियार बरामद
पुलिस द्वारा बरामद हथियारों में चार चीन निर्मित .30 बोर पिस्तौल, चार .30 बोर पीएक्स-5 स्टॉर्म, एक .30 बोर जिगाना, एक ऑस्ट्रिया निर्मित 9 एमएम ग्लॉक पिस्तौल तथा एक अन्य 9 एमएम विदेशी पिस्तौल शामिल हैं। इसके अलावा आठ जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं।
कई आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस जांच में सामने आया है कि हरप्रीत उर्फ प्रीत, गुरप्रीत उर्फ गोपी, शरणजीत उर्फ सन्नी और अजय सिंह पहले भी हत्या, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट तथा चोरी के मामलों में शामिल रह चुके हैं।
डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने और हथियारों की सप्लाई चेन का पता लगाने के लिए गहन जांच जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां तथा महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।
इस संबंध में अमृतसर के एयरपोर्ट थाना, सदर थाना और छेहरटा थाना में आर्म्स एक्ट की धारा 25(8) के तहत तीन अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं।