दैनिक खबरनामा | नई दिल्ली, 18 जून। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने देशभर के खाद्य कारोबारियों को खाद्य पदार्थों की तैयारी, प्रसंस्करण और पैकेजिंग के दौरान केवल फूड-ग्रेड और जंग-रोधी कटिंग उपकरणों के उपयोग के निर्देश जारी किए हैं। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि जंग लगे, क्षतिग्रस्त, टूटे-फूटे या पेंट किए गए चाकू, ब्लेड और अन्य कटिंग टूल्स का इस्तेमाल खाद्य सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।
एफएसएसएआई ने कहा कि हाल के दिनों में ऐसी रिपोर्टें सामने आई हैं, जिनमें कुछ खाद्य प्रतिष्ठानों द्वारा खाना बनाने, काटने, प्रोसेसिंग और पैकेजिंग के कार्यों में खराब एवं अनुपयुक्त उपकरणों का उपयोग किए जाने की जानकारी मिली है। ऐसे उपकरण खाद्य पदार्थों में भौतिक, रासायनिक और सूक्ष्मजीवजनित (माइक्रोबायोलॉजिकल) दूषण का कारण बन सकते हैं।
प्राधिकरण के अनुसार, यह प्रथा फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (लाइसेंसिंग एवं रजिस्ट्रेशन ऑफ फूड बिजनेस) रेगुलेशंस, 2011 के तहत निर्धारित स्वच्छता एवं सुरक्षा मानकों का उल्लंघन है। नियमों के मुताबिक खाद्य पदार्थों के संपर्क में आने वाले सभी उपकरण, बर्तन और सतहें फूड-ग्रेड, विषमुक्त (नॉन-टॉक्सिक) और जंग-रोधी सामग्री से निर्मित होनी चाहिए।
एफएसएसएआई ने खाद्य कारोबारियों को निर्देश दिया है कि सभी चाकू, ब्लेड और कटिंग उपकरण साफ-सुथरी और सुरक्षित स्थिति में बनाए रखें तथा उनमें जंग, दरार, टूट-फूट, पेंट या अन्य किसी प्रकार की खराबी न हो। साथ ही, आवश्यकतानुसार उपकरणों की नियमित सफाई, सैनिटाइजेशन और स्टरलाइजेशन सुनिश्चित करने को भी कहा गया है।
नियामक ने सलाह दी है कि जंग लगे, क्षतिग्रस्त या अनुपयोगी हो चुके कटिंग टूल्स को तत्काल हटाकर नए और मानक अनुरूप उपकरणों से बदला जाए। एफएसएसएआई ने चेतावनी दी है कि निर्देशों की अनदेखी करने वाले कारोबारियों के खिलाफ फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के तहत सख्त कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें आर्थिक दंड भी शामिल है।