डार्क वेब पर 2 लाख से अधिक फाइलें पोस्ट; एप्पल ने शुरू की जांच, टाटा ने कहा- कारोबार पर कोई असर नहीं

दैनिक खबरनामा। नई दिल्ली, 22 जून : टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने सोमवार को कहा कि उसने हाल ही में अपने कुछ कंप्यूटर प्रणालियों में एक “साइबर सुरक्षा घटना” का पता लगाया है। यह बयान तब आया जब साइबर सुरक्षा शोधकर्ताओं ने बताया कि ‘वर्ल्ड लीक्स’ नामक रैनसमवेयर समूह ने एप्पल और टेस्ला से जुड़े कथित पुर्ज़ा डिज़ाइन तथा तकनीकी विनिर्देशों वाले दस्तावेज़ सार्वजनिक किए हैं। दोनों कंपनियां टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की ग्राहक हैं।

रैनसमवेयर समूह ने डार्क वेब पर 2 लाख से अधिक फाइलें प्रकाशित करने का दावा किया है।

टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने एक बयान में कहा, “कुछ सप्ताह पहले हमने अपनी कुछ प्रणालियों में एक साइबर सुरक्षा घटना की पहचान की थी। हमारी प्रतिक्रिया प्रक्रिया तुरंत लागू की गई और इस घटना का हमारे किसी भी व्यावसायिक संचालन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। सभी कारोबार सामान्य रूप से चल रहे हैं।”

मामले से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि एप्पल इस सुरक्षा उल्लंघन की जांच कर रहा है और पूरे मामले का विस्तृत विश्लेषण किया जा रहा है। सूत्र के अनुसार, इस घटना के संबंध में टाटा को फिरौती की मांग भी मिली थी।

एप्पल ने टिप्पणी के अनुरोध का जवाब नहीं दिया, जबकि टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने फिरौती की मांग पर कोई प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया।

यह घटना भारत में एप्पल की आपूर्ति श्रृंखला के लिए ताजा झटका मानी जा रही है। हाल ही में टाटा को अपने एक आईफोन पुर्ज़ा निर्माण संयंत्र के आसपास कृषि भूमि के कथित प्रदूषण को लेकर जांच का सामना करना पड़ा था।

चीन के बाहर एप्पल के सबसे महत्वपूर्ण विनिर्माण साझेदारों में उभर रही टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण महाशक्ति बनाने की रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

पिछले वर्ष टाटा समूह की ब्रिटिश वाहन निर्माता कंपनी जगुआर लैंड रोवर भी साइबर हमले का शिकार हुई थी, जिसके कारण लगभग छह सप्ताह तक उत्पादन प्रभावित रहा था।

भारत के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन कार्यरत भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया दल (सीईआरटी-इन) ने इस मामले पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की।

एप्पल के ‘फैक्ट्री डेटा’ का दावा

‘वर्ल्ड लीक्स’, जिसने पहले नाइकी में सेंधमारी की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था, ने अपनी डार्क वेब वेबसाइट पर कहा कि वह टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स से चुराया गया डेटा प्रकाशित कर रहा है।

समूह के अनुसार, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स से संबंधित डेटा में 2 लाख से अधिक फाइलें हैं, जिनका कुल आकार 630 गीगाबाइट से ज्यादा है। वेबसाइट पर उपलब्ध डेटाबेस में एप्पल से जुड़ी कई कथित फाइलें और फोल्डर दिखाई देते हैं, जिनमें कुछ का शीर्षक “कॉम.एप्पल.फैक्ट्रीडेटा” और “मटेरियल स्पेसिफिकेशन” है।

भारतीय साइबर सुरक्षा शोधकर्ता राजशेखर राजाहरिया ने बताया कि इन फाइलों में ईमेल, कई वर्षों के घटना रिकॉर्ड तथा भारतीय और विदेशी कर्मचारियों के पासपोर्ट की प्रतियां भी शामिल हैं।

राजाहरिया पहले भारतीय पुलिस को साइबर अपराध संबंधी मामलों में सलाह दे चुके हैं।

यह वेबसाइट केवल डार्क वेब पर उपलब्ध है और सामान्य खोज इंजनों की पहुंच से बाहर है।

एक अन्य सुरक्षा शोधकर्ता राकेश कृष्णन ने बताया कि यह डेटा कम से कम 10 जून से डार्क वेब पर उपलब्ध है।

टेस्ला के दस्तावेज और ‘व्यापारिक रहस्य’

उद्योग सूत्रों के अनुसार टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स टेस्ला के लिए भी पुर्ज़ों का निर्माण करती है।

वर्ल्ड लीक्स के डेटाबेस में एक फोल्डर का नाम “एनवी36 चार्जपोर्ट कंट्रोलर – उत्तर अमेरिका” था, जो कथित रूप से टेस्ला की उन्नत मॉडल-वाई स्पोर्ट्स यूटिलिटी वाहन में उपयोग होने वाले पुर्ज़ों से संबंधित है।

एक अन्य 2023 के कथित टेस्ला दस्तावेज़ पर “व्यापारिक रहस्य” अंकित था, जिसमें ‘प्रोजेक्ट हाईलैंड’ के तकनीकी चित्र मौजूद थे। ‘प्रोजेक्ट हाईलैंड’ टेस्ला की संशोधित मॉडल-3 सेडान का आंतरिक कोड नाम है।

टेस्ला ने भी इस मामले पर टिप्पणी के अनुरोध का जवाब नहीं दिया।

राजाहरिया द्वारा साझा किए गए स्क्रीन रिकॉर्डिंग वीडियो में दिखाया गया कि “एप्पल” शब्द खोजने पर 181 फाइलें और फोल्डर मिले, जबकि “टेस्ला” खोजने पर विनिर्माण विनिर्देशों और मई 2025 के एक संयोजन दस्तावेज़ जैसी फाइलें दिखाई दीं।

कुछ दस्तावेज़ों के नीचे यह चेतावनी लिखी हुई थी कि उनमें एप्पल इंक. और टेस्ला इंक. की स्वामित्व वाली, गोपनीय और व्यापारिक रहस्य संबंधी जानकारी शामिल है।

बढ़ते साइबर खतरों की चेतावनी

यह घटना दर्शाती है कि वैश्विक कंपनियां लगातार अधिक जटिल साइबर हमलों और फिरौती आधारित अपराधों के खतरे का सामना कर रही हैं।

लीक हुई फाइलों में एक 52 पृष्ठों का दस्तावेज़ भी शामिल बताया गया है, जिसमें आईफोन सर्किट बोर्ड पुर्ज़ों की गुणवत्ता जांच के मानकों का विवरण था। इसके अलावा “होसुर” शब्द से संबंधित 33 फाइलें और फोल्डर भी मिले, जो तमिलनाडु में टाटा के प्रमुख आईफोन संयोजन संयंत्र का स्थान है।

एक उद्योग सूत्र के अनुसार, टाटा ने पिछले सप्ताह अपने आईफोन संयोजन संचालन से जुड़े कुछ कर्मचारियों को डेटा उल्लंघन की जानकारी दी थी।

वर्तमान में भारत में एप्पल के लगभग एक-तिहाई आईफोन का उत्पादन टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स करती है, जबकि शेष उत्पादन फॉक्सकॉन के पास है।

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