दैनिक खबरनामा। चंडीगढ़, 20 जुलाई: चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड में हुए 116 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े में एक छोटा सा क्यूआर कोड सबूत बन गया। सीबीआई ने इस मामले में संस्था की तत्कालीन चीफ फाइनेंस ऑफिसर नलिनी मलिक समेत सात लोगों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट पेश कर दी है।
जांच एजेंसी के अनुसार, करीब तीन महीने पहले नलिनी मलिक ने आईडीएफसी बैंक के कुछ अधिकारियों के साथ मिलकर सरकारी धन में हेराफेरी की। इस काम के बदले उन्होंने 50 लाख रुपये की रिश्वत ली थी।
कैसे पहुंची रकम नलिनी तक
चार्जशीट में बताया गया है कि बैंक के पूर्व शाखा प्रबंधक रिभव ऋषि ने सेक्टर-35 के सावन ज्वेलर्स से 50 लाख रुपये नकद मंगवाए। यह पैसा उनके सहयोगी अमृतपाल सिंह के जरिए नलिनी मलिक के मोहाली स्थित फ्लैट तक पहुंचाया जाना था।
अमृतपाल को सेक्टर-104, मोहाली की एक सोसायटी में दाखिल होने के लिए एंट्री पास चाहिए था। सीबीआई के मुताबिक वह क्यूआर कोड नलिनी मलिक ने खुद भेजा था। पहले यह कोड राहुल नाम के एक व्यक्ति को दिया गया था, जो पहले भी नलिनी के घर जा चुका था। राहुल ने फिर वही कोड व्हाट्सएप के जरिए अमृतपाल को भेज दिया।
8 दिसंबर 2025 को शाम 4 बजकर 41 मिनट पर अमृतपाल ने उसी क्यूआर कोड से सोसायटी के गेट पर एंट्री ली और नलिनी के फ्लैट पर जाकर रकम सौंपी। सीबीआई को दिए बयान में अमृतपाल ने कहा कि उसने नलिनी के सामने ही पूरे 50 लाख रुपये गिने थे।
फोन कॉल और अलर्ट बने पुख्ता सबूत
सीबीआई ने चार्जशीट में नलिनी और रिभव के बीच हुई बातचीत का ब्योरा भी दिया है। 31 मई 2024 से 8 दिसंबर 2025 तक दोनों के बीच 55 बार फोन पर संपर्क हुआ। इसके अलावा नलिनी का मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी स्मार्ट सिटी के बैंक खातों से जुड़े थे। सरकारी फंड से होने वाले हर लेनदेन का अलर्ट उनके फोन पर आता था।
एजेंसी का आरोप है कि नलिनी को पता था कि फर्जी एफडी बनाकर करोड़ों रुपये निकाले जा रहे हैं, फिर भी उन्होंने आंखें बंद रखीं। बदले में उन्होंने मोटी रकम ली।
क्या है पूरा मामला
सीबीआई के अनुसार चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के 116 करोड़ रुपये आईडीएफसी बैंक की सेक्टर-32 शाखा में एफडी के रूप में रखे थे। आरोप है कि स्मार्ट सिटी के कुछ अधिकारियों और बैंक कर्मचारियों ने मिलकर नकली दस्तावेजों के आधार पर यह रकम निकाल ली। इसके बाद पैसा फर्जी कंपनियों, रियल एस्टेट फर्मों और कुछ ज्वैलर्स के पास भेज दिया गया।
इस गड़बड़ी को छिपाने के लिए आरोपियों ने स्मार्ट सिटी लिमिटेड के नाम से फर्जी बैंक खाता और एफडी के कागजात भी तैयार किए थे।
सीबीआई ने इस चार्जशीट में नलिनी मलिक, रिभव ऋषि और अन्य छह आरोपियों को नामजद किया है।