दैनिक खबरनामा । चंडीगढ़, 12 सितंबर: शहर में नशे के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने पुलिस को ड्रग तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अब शहर में निगरानी और सख्ती दोनों बढ़ाई जाएगी।
पुलिस मुख्यालय में नशा रोकथाम को लेकर आयोजित बैठक में प्रशासक ने कहा कि नशे की सप्लाई और बिक्री को रोकना पुलिस की सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि शहर में ऐसे 58 संवेदनशील स्थान चिन्हित किए गए हैं, जहां नशे की बिक्री या सेवन की शिकायतें मिलती रही हैं। इन सभी हॉटस्पॉट पर पुलिस की पैनी नजर है। इसके साथ ही पहले एनडीपीएस मामलों में पकड़े गए आरोपियों की गतिविधियों पर भी निगरानी रखी जा रही है। कई कुख्यात तस्करों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई जारी है और कई आरोपी जेल में हैं।
सप्लाई चेन ध्वस्त करने पर जोर
प्रशासक ने पुलिस को निर्देश दिया कि नशे की सप्लाई करने वाले नेटवर्क, पेडलरों और नशे के लेन-देन वाले ठिकानों को चिन्हित कर कठोर कार्रवाई की जाए। इस दौरान एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को और अधिक मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। टास्क फोर्स में अतिरिक्त जवानों के साथ साइबर और कानूनी विशेषज्ञों के अलावा अनुभवी अधिकारियों को शामिल करने का सुझाव दिया गया।
बीट सिस्टम होगा मजबूत, लापरवाही पर गाज
गुलाब चंद कटारिया ने थानों की बीट व्यवस्था को दुरुस्त करने को कहा है। संवेदनशील क्षेत्रों में पैदल गश्त और औचक चेकिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने साफ किया कि यदि नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई में किसी पुलिसकर्मी की लापरवाही सामने आई तो उसके खिलाफ भी सख्त एक्शन लिया जाएगा।
मेडिकल स्टोर्स पर रहेगी नजर
नशे पर अंकुश के लिए मेडिकल स्टोर्स की निगरानी बढ़ाने के लिए भी कहा गया है। ऐसी दवाओं की बिक्री पर विशेष ध्यान रखने को कहा गया है जिनमें नशीले या नियंत्रित पदार्थ होते हैं और जो बिना डॉक्टर की पर्ची के बेची जा रही हैं।
आम लोग बनेंगे पुलिस के सहयोगी
बैठक में नशे से जुड़ी सूचनाओं को गोपनीय तरीके से पुलिस तक पहुंचाने के लिए एक मजबूत सिस्टम बनाने पर भी मंथन हुआ। डीजीपी डॉ. सागर प्रीत हुड्डा ने बताया कि एनडीपीएस कानून के तहत ऐसी व्यवस्था बनाई जा रही है, ताकि आम लोग नशे की बिक्री या संदिग्ध तस्करों के बारे में आसानी से पुलिस को सूचना दे सकें। इसका मकसद जनता को पुलिस की आंख और कान बनाना है।
प्रशासक ने कहा कि चंडीगढ़ को नशामुक्त बनाने के लिए सिर्फ पुलिस की कार्रवाई काफी नहीं है। इसके लिए लगातार निगरानी, कड़े एक्शन के साथ-साथ नशे की गिरफ्त में आए लोगों के पुनर्वास और परिवार व समाज की भागीदारी भी बेहद जरूरी है। उन्होंने सभी विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं।