दैनिक खबरनामा। राजौरी, 21 जुलाई: जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। बीते दो दिनों में राज्य में मौसम से जुड़ी घटनाओं में 24 लोगों की जान जा चुकी है। सबसे ज्यादा नुकसान पुंछ जिले में हुआ है, जिसे फिलहाल सबसे संवेदनशील क्षेत्र माना जा रहा है।
सोमवार को पुंछ के सुरनकोट इलाके के लोरन गांव में पहाड़ से भारी मलबा एक कच्चे मकान पर आ गिरा। इस हादसे में एक ही परिवार के सात लोगों की मौत हो गई। मृतकों में चार महिलाएं शामिल हैं। इससे एक दिन पहले रविवार को भी पुंछ में बारिश, बाढ़ और मकान गिरने की घटनाओं में 11 लोगों की मौत हुई थी।

डोडा में भी स्थिति गंभीर रही। भद्रवाह से जम्मू आ रही एक यात्री बस पर रग्गी नाले के पास पहाड़ी से बड़ी चट्टान गिर गई। इस दुर्घटना में दो लोगों की मौत हो गई और चार यात्री घायल हो गए। इसके अलावा डोडा के काशतीगढ़ में मकान ढहने से एक महिला की भी जान गई। राजौरी में उफनती मनावर नदी से हेलीकॉप्टर की मदद से एक शव निकाला गया और जिले में एक अन्य शव भी बरामद किया गया।
अधिकारियों के अनुसार सिर्फ पुंछ और राजौरी में ही दो दिनों में 21 मौतें दर्ज की गई हैं। अभी भी छह लोग बाढ़ और मलबे में लापता हैं। सोमवार को अकेले 12 लोगों की मौत हुई, जिनमें पांच महिलाएं थीं।
यात्राएं स्थगित, हजारों श्रद्धालु फंसे
लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण श्रीअमरनाथ, माता वैष्णो देवी, रियासी की शिवखोड़ी और किश्तवाड़ की सरथल यात्रा दूसरे दिन भी रोक दी गई हैं। बताया जा रहा है कि अमरनाथ धाम के लिए बालटाल मार्ग से कुछ श्रद्धालुओं को सीमित संख्या में रवाना किया गया।
कटड़ा में लगभग 15 हजार से ज्यादा श्रद्धालु आधार शिविर में रुके हुए हैं। जम्मू के लखनपुर और कश्मीर में भी हजारों शिवभक्त यात्रा शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। कटड़ा में बैटरी कार मार्ग, भैरव घाटी और पारंपरिक पैदल मार्ग के कुछ हिस्सों में आंशिक भूस्खलन और पत्थर गिरने की खबर है, लेकिन यात्रा बंद होने के कारण कोई जनहानि नहीं हुई। श्राइन बोर्ड और आपदा प्रबंधन की टीमें रास्तों को सुरक्षित करने में जुटी हैं।
नदियां उफान पर, अलर्ट जारी
सोमवार तड़के जम्मू, राजौरी, पुंछ सहित कई जिलों में तेज बारिश हुई। तवी और चिनाब नदी के साथ कई नाले उफान पर हैं। मौसम विभाग ने 23 जुलाई तक भारी बारिश और भूस्खलन की चेतावनी जारी की है और अगले 48 घंटों में भी तेज वर्षा की संभावना जताई है। लोगों को पहाड़ी इलाकों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी गई है।

लगातार बारिश से जम्मू और श्रीनगर समेत कई जिलों में सड़कों पर पानी भर गया है। कई गांवों का संपर्क भी टूट गया है। स्थिति को देखते हुए प्रभावित जिलों के सभी सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं।
सरकार की घोषणा
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने राजौरी और पुंछ में जान गंवाने वाले प्रत्येक मृतक के परिजनों को 6-6 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया है। फिलहाल राहत और बचाव कार्य जारी है और प्रशासन लोगों से सतर्क रहने की अपील कर रहा है।