दैनिक खबरनामा। पुंछ, 21 जुलाई: राजौरी-पुंछ में बीते दिनों मूसलाधार बारिश, अचानक आई बाढ़ और जगह-जगह धंसी सड़कों ने आम लोगों की जिंदगी थाम दी थी। इसी मुश्किल घड़ी में व्हाइट नाइट कॉर्प्स के जवान मैदान में उतरे और राहत-बचाव का ऐसा उदाहरण पेश किया जिसकी चारों तरफ तारीफ हो रही है।
बारिश और भूस्खलन से जहां संपर्क मार्ग टूट गए थे, वहीं कई गांवों का जरूरी सेवाओं से नाता भी कट गया था। ऐसे समय में सेना ने तेजी से मोर्चा संभाला और यह साबित किया कि वह सिर्फ सीमा की सुरक्षा ही नहीं, बल्कि आम जनता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर भी खड़ी है।
पुंछ की जरावां वाली गली में पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय की बाउंड्री वॉल भरभरा कर गिर गई। मलबा सीधे कई खड़े वाहनों पर आ गिरा और NH-144A पूरी तरह जाम हो गया। सूचना मिलते ही व्हाइट नाइट कॉर्प्स की टीम विशेष मशीनों के साथ मौके पर पहुंची। जवानों ने मलबा हटाया, दबे वाहनों को बाहर निकाला और स्थानीय लोगों की मदद से रास्ता साफ किया। उनके प्रयासों से कुछ ही घंटों में नेशनल हाईवे पर आवाजाही दोबारा शुरू हो सकी।
खारी करमारा के पास तेज बहाव और लगातार बारिश के कारण एक अहम पुल को नुकसान पहुंचा। इससे आसपास के गांवों का संपर्क टूट गया। व्हाइट नाइट कॉर्प्स ने 79 RCC यानी BRO और ग्रामीणों के साथ मिलकर तुरंत मरम्मत शुरू कर दी। मुश्किल मौसम और फिसलन भरे रास्तों के बावजूद टीम ने जी-जान लगाई और महज तीन घंटे के अंदर पुल को आवाजाही के लायक बना दिया। पुल बहाल होते ही इलाके में जरूरी सामान और लोगों की आवाजाही फिर से शुरू हो गई।
दारा सांगला में फ्लैश फ्लड के चलते लोहे का पुल बह गया, जिससे पूरा गांव बाकी इलाके से कट गया। मरीजों को अस्पताल ले जाना भी मुश्किल हो गया था। ऐसे में सेना की मेडिकल टीम ने हिम्मत दिखाई। लकड़ी के तख्तों से अस्थायी रास्ता बनाकर उफनते नाले को पार किया और गांव तक पहुंची। वहां टीम ने तुरंत जांच की, एक घायल व्यक्ति का प्राथमिक उपचार किया और महिलाओं व बच्चों सहित अन्य लोगों को जरूरी दवाइयां वितरित कीं। समय पर मिली मदद से लोगों की हालत काबू में आई और आगे की परेशानी टल गई।
सेना की तत्परता बनी सहारा
इन तीनों अभियानों में व्हाइट नाइट कॉर्प्स के जवानों ने त्वरित कार्रवाई, पेशेवर अंदाज और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय दिया। टूटे रास्तों को जोड़ना, घायलों का इलाज और फंसे लोगों को राहत पहुंचाना — हर मोर्चे पर सेना ने लोगों का भरोसा जीता।
खराब मौसम के बीच हुए इन कार्यों ने एक बार फिर दिखाया कि मुश्किल समय में भारतीय सेना किस तरह जनता के लिए ढाल बनकर खड़ी होती है।