दैनिक खबरनामा
22 जुलाई, नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली में जारी विरोध-प्रदर्शनों और संसद के मानसून सत्र के मद्देनजर केंद्र सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने का फैसला किया है। संभावित कानून-व्यवस्था की चुनौतियों से निपटने के लिए गृह मंत्रालय (MHA) के निर्देश पर पश्चिम बंगाल से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की अतिरिक्त कंपनियों को तत्काल दिल्ली भेजा जा रहा है। इस कदम के बाद राजधानी में सुरक्षा एजेंसियों की गतिविधियां तेज हो गई हैं।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात जारी आपात आदेश के तहत पश्चिम बंगाल से CRPF की 20 अतिरिक्त कंपनियों को हवाई मार्ग से दिल्ली लाया जा रहा है। CRPF की एक कंपनी में लगभग 100 जवान होते हैं। इस आधार पर करीब 2000 अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती राजधानी में की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, NEET पेपर लीक मामले, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के विरोध-प्रदर्शनों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ किया गया है। हाल के दिनों में कुछ स्थानों पर हुई हिंसक झड़पों के बाद गृह मंत्रालय ने अतिरिक्त केंद्रीय बलों की तैनाती का निर्णय लिया।
दिल्ली में 20 जुलाई से संसद का मानसून सत्र भी जारी है, जिसके कारण सुरक्षा एजेंसियां पहले से हाई अलर्ट पर हैं। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की सहायता के लिए पहले ही CRPF और उसकी विशेष दंगा-रोधी इकाई रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की करीब 30 कंपनियां राजधानी में तैनात हैं। अब पश्चिम बंगाल से पहुंच रही 20 अतिरिक्त कंपनियों के शामिल होने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।
बताया गया है कि ये अतिरिक्त कंपनियां कुछ महीने पहले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के दौरान वहां भेजी गई थीं। चुनाव संपन्न होने के बाद राज्य सरकार के अनुरोध पर वे वहीं बनी हुई थीं, लेकिन अब उन्हें तत्काल प्रभाव से दिल्ली बुला लिया गया है।